जमुई। जमुई टाउन थाना क्षेत्र के कुंदर डैम मार्ग स्थित मड़वा पहाड़ी के पास हुए जमुई कांड में बड़ा ऐक्शन हुआ है। मामले का मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पैर में गोली लगी है, जबकि दूसरे आरोपी हरेराम यादव के पैर में चोट लगने से उसके टूटने की जानकारी सामने आई है। दोनों को मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
इस दौरान अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सदर अस्पताल के चारों तरफ पुलिस पदाधिकारी और जवानों की तैनाती की गई है। घायल अभियुक्तों से मिलने के लिए किसी भी मीडिया कर्मी या अन्य लोगों को अनुमति नहीं दी जा रही है। सभी लोगों को घायल अभियुक्तों से दूर रखा गया है। जमुई कांड के आरोपियों को देखने के लिए सदर अस्पताल में स्थानीय लोगों की काफी भीड़ लगी हुई है। लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। अभियुक्त को गोली मारने के मामले में लोग पुलिस प्रशासन की प्रशंसा भी कर रहे हैं।

दोनों का इलाज कड़ी सुरक्षा के बीच सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में चल रहा है। घटना की विस्तारपूर्वक जानकारी कुछ ही देर में एसपी विश्वजीत दयाल प्रेस वार्ता के दौरान देंगे। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मुंगेर प्रक्षेत्र के डीआईजी भी जमुई पहुंचे हुए हैं।
हम आपको बता दें कि 19 सितंबर की शाम टाउन थाना क्षेत्र के मदन रोड स्थित मड़वा पहाड़ी के पास उदंड और मनचले युवकों द्वारा नाबालिग छात्रा के साथ हैवानियत करने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जो जमुई ही नहीं बल्कि राज्य व देश स्तर पर सुर्खियां बनी थी। जमुई पुलिस प्रशासन की देश स्तर पर काफी किरकिरी भी हुई थी। पुलिस महकमा की नींद उड़ी हुई थी, लोग मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी और एनकाउंटर की मांग कर रहे थे।

वायरल वीडियो से लोगों में काफी गुस्सा व्याप्त था। लोग जमुई कांड के मुख्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसको लेकर एबीवीपी के छात्रों द्वारा आज कचहरी चौक को जाम भी किया गया था और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य अभियुक्तों को पकड़ लिया है, एक के पैर में गोली लगी है तो दूसरे का पैर टूटा है। फिलहाल सदर अस्पताल में दोनों को देखने के लिए भीड़ लगी हुई है।

पुलिस का क्या कहना है?
पुलिस के मुताबिक जमुई कांड के मुख्य आरोपी नंदन यादव और दूसरे आरोपी हरेराम यादव को पकड़ने के जमुई पुलिस और एसआईटी की टीम की लगातार दबिश दे रही थी। इस दौरान ही दोनों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में नंदन यादव के पैर में गोली लगी। हरेराम यादव के घायल होने की भी जानकारी पुलिस की ओर से दी गई है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी एसपी विश्वजीत दयाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस मुठभेड़ पर उठ रहे हैं कई सवाल
जमुई कांड में आरोपियों की गिरफ्तारी और उसके बाद हुई कार्रवाई को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। इन सवालों का जवाब पुलिस के आधिकारिक बयान और जांच से ही मिल सकेगा।
क्या दोनों आरोपी पुलिस से मुठभेड़ के लिए हथियार लेकर तैयार बैठे थे?
अगर पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरोपियों के पास कौन से हथियार थे?
- क्या उनके पास से हथियार बरामद हुए?
- कितने कारतूस या खोखे मिले?
- पुलिस की ओर से कितनी गोलियां चलीं?
- आरोपियों की ओर से कितनी गोलियां चलाई गईं?
- क्या किसी पुलिसकर्मी को गोली लगी या कोई पुलिसकर्मी घायल हुआ?
- घटनास्थल से हथियार और गोलीबारी से जुड़े दूसरे सबूत मिले हैं या नहीं?
इन सवालों का जवाब पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महत्वपूर्ण होगा।
क्या आरोपियों को पहले ही पकड़ लिया गया था?
इस मामले में एक और गंभीर सवाल यह है कि क्या दोनों आरोपियों को पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया था और उसके बाद गोलीबारी हुई?
स्थानीय स्तर पर इस तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं कि आरोपियों को पहले पकड़ा गया था। दूसरी ओर पुलिस की ओर से इसे गिरफ्तारी के दौरान हुई मुठभेड़ बताया जा रहा है।
इसलिए यह स्पष्ट होना जरूरी है कि दोनों आरोपियों को कहां से, किस समय और किस परिस्थिति में पकड़ा गया था।
नंदन को गोली और हरेराम का पैर कैसे टूटा?

दोनों आरोपियों की चोटों को लेकर भी सवाल हैं। नंदन यादव के पैर में गोली लगी है। वहीं हरेराम यादव के पैर में चोट लगने और पैर टूटने की जानकारी सामने आई है।
ऐसे में पुलिस को यह जवाब भी देना चाहिए कि हरेराम यादव का पैर किस परिस्थिति में टूटा? क्या वह भागते समय गिरा, पुलिस से संघर्ष हुआ या चोट किसी अन्य परिस्थिति में लगी? इसका मेडिकल रिकॉर्ड और डॉक्टरों की रिपोर्ट घटनाक्रम को समझने में महत्वपूर्ण होगी।
क्या यह ‘हाफ एनकाउंटर’ था?
सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में इस कार्रवाई को लेकर ‘हाफ एनकाउंटर’ जैसे शब्द भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं। लेकिन जब तक पुलिस की पूरी कार्रवाई, मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल के सबूत और अन्य स्वतंत्र तथ्य सामने नहीं आते, तब तक इसे तथ्य के रूप में ‘हाफ एनकाउंटर’ कहना उचित नहीं होगा।
फिलहाल सही सवाल यह है कि पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए किस प्रक्रिया का पालन किया और गोली चलाने की परिस्थिति वास्तव में क्या थी?
कार्रवाई में जाति को लेकर भी उठ रहे सवाल
जमुई कांड में एक दूसरा सवाल आरोपियों के साथ पुलिस की कार्रवाई में कथित अंतर को लेकर भी उठ रहा है। मामले में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत भेजे जाने की जानकारी है, जबकि मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव के पैर में गोली लगी और हरेराम यादव घायल हुआ।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अलग-अलग आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आधार क्या था? क्या यह अंतर उनकी उम्र, भूमिका और पुलिस के सामने उनके व्यवहार के कारण था या कोई दूसरी वजह थी? सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर जाति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस की कार्रवाई को जाति के आधार पर भेदभाव से जोड़ने वाला कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है।
इसलिए इस पहलू की पुष्टि के लिए आरोपियों की उम्र, केस डायरी, गिरफ्तारी रिकॉर्ड, मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस के आधिकारिक बयान को देखना जरूरी होगा।
अस्पताल में कड़ी सुरक्षा, मीडिया की एंट्री पर रोक

दोनों घायल आरोपियों को मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे जमुई सदर अस्पताल लाया गया। अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
मीडिया कर्मियों और अन्य लोगों को घायल आरोपियों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अस्पताल में स्थानीय लोगों की भीड़ भी जुटी हुई है और घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
एसपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर नजर
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मुंगेर प्रक्षेत्र के डीआईजी के भी जमुई पहुंचने की जानकारी है। अब सबकी नजर एसपी विश्वजीत दयाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर है। पुलिस की ओर से मुठभेड़ की पूरी कहानी, हथियार बरामदगी, गोलीबारी, आरोपियों की गिरफ्तारी की परिस्थितियों और दोनों आरोपियों के घायल होने की वजह स्पष्ट की जानी बाकी है।
Freelancer Post इस मामले में पुलिस के आधिकारिक दावे के साथ-साथ सामने आने वाले दस्तावेजी और स्वतंत्र तथ्यों को भी सामने रखेगा।
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