नई दिल्ली। khushi kapoor delhi high court। दिल्ली हाईकोर्ट फिल्म अभिनेत्री खुशी कपूर के खिलाफ आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट हटाने का आदेश देगी। जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने बुधवार को खुशी कपूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट इस संबंध में आदेश अपलोड करेगा।
खुशी कपूर ने हाईकोर्ट में क्या कहा?
सुनवाई के दौरान खुशी कपूर की ओर से पेश वकील आसव राजन ने कहा कि याचिकाकर्ता हिंदी फिल्मों की अभिनेत्री हैं और वह फैशन आइकॉन भी हैं। कोर्ट ने याचिका पर गौर करते हुए याचिकाकर्ता से कहा कि वह URL की प्रतिवादीवार सूची उपलब्ध कराएं।
Janhvi Kapoor को लेकर दिल्ली HC सख्त, अश्लील ऑनलाइन कंटेंट हटाने का आदेश
इसके बाद आसव राजन ने प्रतिवादीवार सूची कोर्ट को उपलब्ध कराई। सुनवाई के दौरान Meta की ओर से पेश वकील ने कहा कि सूची में कई फैन पेज हैं और वे फर्जी अकाउंट नहीं हैं।
कई नामचीन हस्तियों के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा कर चुका है हाईकोर्ट
बता दें कि इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट कई नामचीन हस्तियों के व्यक्तित्व अधिकार (Personality Rights) की रक्षा के लिए आदेश जारी कर चुका है।
हाईकोर्ट ने फिल्म अभिनेत्री जान्हवी कपूर, तब्बू, क्रिकेटर युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा, फिल्म अभिनेता और सांसद रवि किशन, कांग्रेस नेता शशि थरूर, अभिनेता अर्जुन कपूर, तेलुगु अभिनेता अल्लू अर्जुन, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य, मलयालम फिल्म अभिनेता मोहनलाल, भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व सांसद गौतम गंभीर, पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण, फिल्म अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा, बाबा रामदेव, फिल्म अभिनेत्री काजोल, फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय, आंध्र प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, फिल्म अभिनेता सलमान खान, अभिनेता अजय देवगन, अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन और फिल्म प्रोड्यूसर करण जौहर के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दिया था।
क्या है व्यक्तित्व अधिकार?
व्यक्तित्व अधिकार किसी व्यक्ति की पहचान, नाम, तस्वीर, आवाज, समानता और सार्वजनिक छवि के अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल से सुरक्षा से जुड़े अधिकार हैं। डिजिटल दौर में सोशल मीडिया, वेबसाइटों, फैन पेजों और AI-generated कंटेंट के बढ़ते इस्तेमाल के कारण ऐसे मामलों में अदालतों के सामने नए कानूनी सवाल भी सामने आ रहे हैं।
नोट: खुशी कपूर मामले में कोर्ट के विस्तृत आदेश के अपलोड होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किन URL/कंटेंट को हटाने और किन पक्षों के खिलाफ क्या विशेष निर्देश दिए गए हैं।
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