नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म अभिनेत्री janhvi kapoor से जुड़े अश्लील और आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया है। जस्टिस अनुप जयराम भांभानी की अदालत ने मंगलवार को जान्हवी कपूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अश्लील कंटेंट और अभिनेत्री की पहचान का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वाली सामग्री को हटाने के लिए आदेश दिया जा सकता है। हालांकि, कोर्ट ने सभी फैन पेज को हटाने की मांग पर सवाल उठाए और इसे लेकर व्यापक रोक लगाने से इनकार किया।
janhvi kapoor अश्लील कंटेंट और व्यावसायिक इस्तेमाल पर कोर्ट सख्त
सुनवाई के दौरान जान्हवी कपूर की ओर से पेश वकील ने कहा कि अभिनेत्री ने हिंदी और तेलुगु फिल्मों में काम किया है। उन्होंने अदालत को बताया कि इंटरनेट और सोशल मीडिया पर अभिनेत्री के नाम से कई फर्जी अकाउंट चल रहे हैं और कुछ मामलों में उनकी पहचान का इस्तेमाल कर कमाई की जा रही है। इसके अलावा कथित तौर पर अश्लील, AI से बनाए गए और डीपफेक कंटेंट का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
कोर्ट ने कहा कि जहां तक स्पष्ट रूप से अश्लील कंटेंट का संबंध है, उसे हटाने का निर्देश दिया जा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि जान्हवी कपूर के व्यक्तित्व और पहचान का सीधे व्यावसायिक इस्तेमाल करने वाली सामग्री पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
janhvi kapoor के सभी फैन पेज हटाने की मांग पर कोर्ट ने उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने फैन पेज को पूरी तरह हटाने की मांग पर सवाल उठाया। कोर्ट ने कहा कि हर फैन पेज आपत्तिजनक नहीं होता। कुछ फैन पेज किसी कलाकार की तारीफ कर सकते हैं, जबकि कुछ उसकी आलोचना या व्यंग्य भी कर सकते हैं।
अदालत ने टिप्पणी की कि अगर किसी फैन पेज पर अश्लील सामग्री है या अभिनेत्री की पहचान का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है, तो उस विशेष सामग्री पर कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन सभी फैन पेज पर एक साथ रोक लगाना उचित नहीं होगा।

हजारों वेबपेज और सोशल मीडिया लिंक का मामला
जान्हवी कपूर ने अपनी याचिका में 5,000 से अधिक वेबपेज और सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी सामग्री हटाने की मांग की थी। इनमें कथित अश्लील AI-generated कंटेंट, अभिनेत्री के नाम से चलाए जा रहे फर्जी या impersonating अकाउंट, फर्जी बुकिंग एजेंसियां और चैटबॉट शामिल बताए गए हैं।
मेटा की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि याचिका में 5,000 से अधिक लिंक का उल्लेख किया गया है और सभी लिंक एक जैसे आपत्तिजनक नहीं हैं। इसके बाद कोर्ट ने जान्हवी कपूर की ओर से पेश वकील से सामग्री को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर सूची देने को कहा।
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व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा का मामला
जान्हवी कपूर की याचिका का मुख्य आधार उनके Personality Rights हैं। इन अधिकारों के तहत किसी व्यक्ति के नाम, तस्वीर, पहचान, आवाज, समानता या व्यक्तित्व के अन्य विशिष्ट पहलुओं का बिना अनुमति इस्तेमाल किए जाने पर कानूनी संरक्षण की मांग की जा सकती है।
दिल्ली हाईकोर्ट पहले भी कई चर्चित हस्तियों के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के आदेश दे चुका है। इनमें अभिनेत्री तब्बू, क्रिकेटर युवराज सिंह और अभिषेक शर्मा, कांग्रेस नेता शशि थरूर, अभिनेता अर्जुन कपूर, तेलुगु अभिनेता अल्लू अर्जुन, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य, मलयालम अभिनेता मोहनलाल, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, अभिनेत्री काजोल, अभिनेता सलमान खान, पत्रकार सुधीर चौधरी, श्री श्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन और फिल्म निर्माता करण जौहर समेत कई नाम शामिल हैं।
कोर्ट ने जान्हवी कपूर के मामले में यह भी कहा कि व्यक्तित्व अधिकारों की अवधारणा की सीमा स्पष्ट करने की जरूरत है और हर ऑनलाइन गतिविधि को केवल personality rights के आधार पर प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता।
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