प्रशांत किशोर ने पटना, दरभंगा, सारण और कोसी की शिक्षक-स्नातक सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित किए; बाकी 3 सीटों के नाम जल्द घोषित होंगे
पटना। बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर जन सुराज पार्टी ने पांच उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को पटना में प्रेस वार्ता के दौरान प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही उन्होंने शिक्षकों के लिए 7वां वेतनमान लागू कराने और जन सुराज समर्थित उम्मीदवार के जीतने वाले प्रत्येक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 10 हजार बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का वादा भी किया।
बिहार विधान परिषद की कुल आठ शिक्षक-स्नातक सीटों पर चुनाव होना है। इनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। जन सुराज ने फिलहाल पांच सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित किए हैं। बाकी तीन सीटों के उम्मीदवारों के नाम अगले कुछ दिनों में घोषित किए जाने की बात कही गई है।
पांच सीटों पर ये होंगे जन सुराज के उम्मीदवार
जन सुराज ने जिन पांच सीटों पर बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर प्रत्याशी घोषित किए हैं, उनमें शिक्षक और स्नातक दोनों निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
| निर्वाचन क्षेत्र | जन सुराज समर्थित उम्मीदवार |
|---|---|
| पटना शिक्षक | दिव्या ज्योति |
| दरभंगा शिक्षक | एसपी राय |
| सारण शिक्षक | आफाक अहमद |
| दरभंगा स्नातक | रवींद्र यादव |
| कोसी स्नातक | रजनीश रंजन |
इन पांच नामों में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आफाक अहमद को दोबारा मौका दिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने पिछला चुनाव प्रशांत किशोर के समर्थन से जीता था, उस समय जन सुराज पार्टी अस्तित्व में नहीं थी। पटना शिक्षक सीट पर दिव्या ज्योति को उम्मीदवार बनाया गया है।
उम्मीदवारों के साथ मुद्दों पर भी फोकस

जन सुराज की इस घोषणा में सिर्फ उम्मीदवारों के नाम नहीं, बल्कि शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता दी गई। प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षकों की स्थिति में सुधार शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़ा है। उन्होंने शिक्षक संगठनों को एक मंच पर लाकर संघर्ष समिति बनाने की बात कही।
उन्होंने शिक्षकों से जुड़ी तीन प्रमुख मांगों को आगे बढ़ाने का ऐलान किया।
शिक्षकों के लिए जन सुराज की तीन मांगें
पहली—7वां वेतनमान लागू कराना।
दूसरी—वित्त रहित और वित्त पोषित शिक्षकों को शिक्षक श्रेणी में समायोजित करना।
तीसरी—शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने के लिए मानक तय करना।
प्रशांत किशोर ने कहा कि ये मांगें सिर्फ शिक्षक संगठनों की मांग नहीं रहेंगी, बल्कि जन सुराज इन्हें अपनी मांग के रूप में लेकर शिक्षकों के साथ संघर्ष करेगा।
स्नातक मतदाताओं के लिए 10 हजार नौकरी का ऐलान
प्रशांत किशोर ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों को लेकर भी बड़ा राजनीतिक वादा किया। उन्होंने कहा कि जिस स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज का उम्मीदवार जीतकर बिहार विधान परिषद पहुंचेगा, वहां 10 हजार बेरोजगार स्नातकों को नौकरी दिलाने की जिम्मेदारी जन सुराज, निर्वाचित प्रत्याशी और उनकी होगी।
यह घोषणा उन निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं को सीधे रोजगार के मुद्दे से जोड़ती है, जहां मतदाता के रूप में पंजीकृत स्नातकों की भूमिका होती है।
हालांकि यह फिलहाल जन सुराज की ओर से किया गया चुनावी वादा है। इसकी व्यावहारिक प्रक्रिया, वित्तीय स्रोत और इसे लागू करने का प्रशासनिक तरीका पार्टी ने इस घोषणा में विस्तार से नहीं बताया है।
बाकी तीन सीटों पर नाम बाकी
जन सुराज ने अभी आठ में से पांच निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार घोषित किए हैं। बाकी तीन सीटों के नाम बाद में घोषित किए जाएंगे।
इनमें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की तिरहुत सीट और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पटना तथा तिरहुत सीटें शामिल हैं।
बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त होना है। चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा अभी निर्वाचन आयोग की ओर से की जानी बाकी है।
MLC चुनाव में जन सुराज के लिए क्यों अहम है यह मुकाबला?
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होता है। इन सीटों के मतदाता भी सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग निर्धारित मतदाता समूहों से आते हैं।
जन सुराज ने पहले ही इन आठों सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी का संकेत दिया था। पांच उम्मीदवारों की घोषणा के साथ पार्टी ने अब अपना चुनावी अभियान इन क्षेत्रों में आगे बढ़ाने का आधार तैयार कर दिया है।
जन सुराज के लिए यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी अपने संगठन को बिहार के अलग-अलग सामाजिक और पेशेवर समूहों तक ले जाने की कोशिश कर रही है।
उम्मीदवारों की घोषणा के साथ अब मुकाबला सिर्फ राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच स्थानीय पकड़, उम्मीदवार की व्यक्तिगत पहचान और संगठन की पहुंच के स्तर पर भी दिखाई देगा।
फिलहाल जन सुराज ने आठ में से पांच सीटों पर अपने पत्ते खोल दिए हैं। बाकी तीन सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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