Close Menu
  • Home
  • विदेश
  • Legal Affairs
  • राज्यों की खबरें
  • खेल
  • हेल्थ
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Home
  • विदेश
  • Legal Affairs
  • राज्यों की खबरें
  • खेल
  • हेल्थ
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
Freelancer Post
Subscribe Now
HOT TOPICS
  • Crime File
  • Bihar Politics
  • Desh Ki Siyasat
  • Rozgar
Freelancer Post
Home»Just In»आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जड़ों में छुपा है प्राचीन भारतीय ज्ञान का दर्शन: बालेंदु शर्मा दाधीच
Just In

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जड़ों में छुपा है प्राचीन भारतीय ज्ञान का दर्शन: बालेंदु शर्मा दाधीच

Freelancer postBy Freelancer postAugust 6, 2026Updated:August 6, 2026No Comments3 Mins Read83 Views
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp
Balendu Sharma Dadhich speaking on AI and Indian Knowledge Tradition at Rajarshi Tandon Memorial Lecture in Prayagraj
प्रयागराज में राजर्षि टंडन स्मृति व्याख्यानमाला को संबोधित करते तकनीकी विशेषज्ञ एवं लेखक बालेंदु शर्मा दाधीच।
Share
Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Email

प्रयागराज। Balendu Sharma Dadhich। उत्तर प्रदेश के राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन की 144वीं जयंती पर 19वीं राजर्षि टंडन स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन हुआ। जिसका विषय ‘एआई और भारतीय ज्ञान परंपरा’ था। इस व्याख्यानमाला में मुख्य वक्ता सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ और लेखक बालेंदु शर्मा दाधीच थे।

उन्होंने अपने व्याख्यान में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केवल आधुनिक तकनीक का परिणाम नहीं है, बल्कि यह मानव द्वारा बुद्धिमत्ता, तर्क और ज्ञान को समझने की सदियों पुरानी खोज का वर्तमान स्वरूप है। तकनीकी विशेषज्ञ बालेंदु शर्मा दाधीच के अनुसार, कंप्यूटर की अपनी भाषा केवल गणित है और आधुनिक बाइनरी सिस्टम (0 और 1) की अवधारणा भारत में लगभग 2,000 वर्ष पूर्व आचार्य पिंगल ने अपने छंदशास्त्र के माध्यम से दे दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंप्यूटिंग का पूरा ढांचा भारत द्वारा दिए गए शून्य और स्थान-मान प्रणाली (Place Value System) पर टिका है, जिसके बिना जटिल गणनाएं संभव नहीं थीं। इसके अलावा, भारत में स्वचालन (Automation) की समृद्ध ऐतिहासिक परंपरा रही है, जिसका उल्लेख राजा भोज के ‘समरांगण सूत्रधार’ और बौद्ध काल के ‘भूत-वाहन यंत्र’ जैसे ग्रंथों व ऐतिहासिक वृत्तांतों में मिलता है।

प्रयागराज में आयोजित 19वीं राजर्षि टंडन स्मृति व्याख्यानमाला में तकनीकी विशेषज्ञ और लेखक बालेंदु शर्मा दाधीच ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अवधारणा केवल आधुनिक तकनीक नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा की बौद्धिक विरासत से भी जुड़ी है।

बालेंदु शर्मा दाधीच ने कहा कि वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ते भारत के कदम आधुनिक दौर में भारत एआई के क्षेत्र में तेजी से अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। ‘भाषिणी’ परियोजना के जरिए भारतीय भाषाओं और ध्वनियों में एआई मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। जबकि ‘सर्वम’ जैसी पहलों से स्वदेशी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। इसके साथ ही, भारत राष्ट्रीय स्तर पर एआई पाठ्यक्रम, डेटासेट और क्लाउड स्पेस उपलब्ध कराने के साथ-साथ विश्व मंच पर एक जिम्मेदार और नैतिक एआई (Responsible AI) के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्राचीन काल में पाणिनि के व्याकरण के नियमों, न्याय दर्शन के तर्क और शून्य के सिद्धांतों से शुरू हुई यह बौद्धिक यात्रा आज भारत को वैश्विक एआई क्रांति का एक प्रमुख केंद्र बना रही है।

प्रयागराज में राजर्षि टंडन स्मृति व्याख्यानमाला को संबोधित करते तकनीकी विशेषज्ञ एवं लेखक बालेंदु शर्मा दाधीच।

उन्होंने कहा कि AI हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस यानी एजीआई भविष्य में हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा साबित होगा। वर्तमान में एआई मनुष्य के निर्देशों पर काम करने वाला उपकरण है, लेकिन एजीआई में मनुष्य की तरह खुद सीखने, सोचने और फैसले लेने की क्षमता भी होगी इसका हमारे जीवन पर गंभीर प्रभाव हो सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से खौफ खाने की जरूरत नहीं है, बजाय इसके उसे समझ कर विवेकपूर्ण ढंग से स्वीकार करने की जरूरत है।

ये भी पढ़ें:-

भारत की उड़ती जैविक विरासत : तितलियाँ प्रकृति के भविष्य का संकेत हैं

Normal Blood Report में भी छिपा हो सकता है जानलेवा खतरा! हार्वर्ड की भारतीय वैज्ञानिक का नया शोध

इनसाइड स्टोरी: सत्ता, इतिहास और 27 एकड़ जमीन की लड़ाई, आखिर क्यों चर्चा में है देश का सबसे चर्चित दिल्ली जिमखाना क्लब?

AGI AI AI and Indian Knowledge Tradition AI in India Artificial Intelligence Balendu Sharma Dadhich Bhashini FreelancerPost Indian Knowledge System Panini Pingala prayagraj Sarvam AI Technology News Uttar Pradesh
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp
Avatar photo
Freelancer post
  • Website

Related Posts

Featured

Explainer : व्हिस्की का भ्रम: FSSAI के आदेश ने कैसे खोल दी बोतल, ब्रांड और बाज़ार की परतें

August 7, 2026
Aapki Khabar

मुंगेर डीएम का सख्त एक्शन: मनरेगा DPO का वेतन स्थगित, बिना सूचना अनुपस्थित DTO से मांगा जवाब

August 6, 2026
Featured

भारत की उड़ती जैविक विरासत : तितलियाँ प्रकृति के भविष्य का संकेत हैं

August 6, 2026
Bihar Politics

बिहार कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने का बनाया नया प्लान, युवा कांग्रेस का डिजिटल सदस्यता अभियान शुरू

August 5, 2026
Aapki Khabar

मुंगेर के महादलित परिवारों को मिलेगा पक्का आशियाना, आशिकपुर स्लम में बनेगा बहुमंजिला आवास

August 5, 2026
Legal Affairs

“युवाओं पर सख्ती नहीं, पहले संवाद करें”: छात्र आंदोलनों पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

August 5, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

logo
Facebook X (Twitter) WhatsApp Instagram YouTube

News

  • विदेश
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • क्राइम फाइल

News

  • प्रमुख खबरें
  • Just In
  • UP Politics
  • Bihar Politics
  • Contact Us

Company

  • About US
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Become a Reporter
  • Send Your News & Video
  • Book your Ads

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Freelancer Post. All Rights Reserved. Designed & Developed by Sanity Softwares.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.