औरंगाबाद। बिहार कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर में पार्टी ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ मीडिया और सोशल मीडिया की रणनीति पर भी मंथन किया। औरंगाबाद के अम्बा स्थित राजलक्ष्मी रिजॉर्ट में आयोजित दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर में प्रखंड अध्यक्षों को संगठनात्मक और राजनीतिक मुद्दों पर प्रशिक्षण दिया गया।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में औरंगाबाद के अम्बा स्थित राजलक्ष्मी रिजॉर्ट में आयोजित प्रखंड अध्यक्षों का दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर शनिवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण शिविर के दूसरे और अंतिम दिन कांग्रेस ने जमीनी संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ मीडिया और सोशल मीडिया की प्रभावी रणनीति, राजनीति में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने तथा मौजूदा राजनीतिक परिवेश में जन लामबंदी के आधुनिक तरीकों पर विस्तार से चर्चा की।
शिविर में 20 जिलों के नवनिर्वाचित प्रखंड अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। कांग्रेस ने इस प्रशिक्षण के जरिए प्रखंड से लेकर पंचायत और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने तथा पार्टी की विचारधारा और राजनीतिक संदेश को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया।

प्रखंड अध्यक्षों को संगठन की रीढ़ बताया
प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र में बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि संगठन में अनुशासन, सदाचार और सत्य के साथ महात्मा गांधी के विचारों को आत्मसात करते हुए कांग्रेसजनों को आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश में लोकतंत्र को स्थापित किया है और प्रखंड अध्यक्षों की वैचारिक मजबूती के लिए इस तरह का प्रशिक्षण बेहद जरूरी है।
उन्होंने प्रखंड अध्यक्षों को पार्टी की रीढ़ बताते हुए कहा कि संगठन सृजन अभियान के तहत नवनिर्वाचित प्रखंड अध्यक्षों के लिए यह प्रशिक्षण नया अनुभव है। इससे उन्हें कांग्रेस की विचारधारा, आदर्शों और ऐतिहासिक संदर्भों को जनता के बीच मजबूती से रखने में मदद मिलेगी।
समापन सत्र में कृष्णा अल्लावरु ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार चला रहे लोग समाज और देश को तोड़ रहे हैं, जबकि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपसी एकता और सहमति से देश को ताकतवर बनाया जा सकता है। पार्टी और समाज को एक अनुशासन में साथ चलना चाहिए।
गांव, पंचायत और बूथ तक संगठन मजबूत करने पर जोर
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि 20 जिलों के नवनिर्वाचित प्रखंड अध्यक्षों के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्य, सदाचार और सादगी पर आधारित प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
उन्होंने कहा कि प्रखंड अध्यक्ष कांग्रेस संगठन की रीढ़ हैं। संगठन को गांव, पंचायत तथा बूथ स्तर तक मजबूत करने के उद्देश्य से बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी लगातार संगठन सृजन अभियान के तहत चयनित प्रखंड अध्यक्षों को प्रशिक्षित कर रही है।
राजेश राम ने कहा कि दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में दैनिक दिनचर्या आधारित विभिन्न सत्रों के माध्यम से कांग्रेस के इतिहास, देश निर्माण में पार्टी के योगदान और आगामी रणनीतियों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओं को तकनीकी जानकारी देने के साथ मनोरंजन और सांस्कृतिक गतिविधियों के सत्र भी आयोजित किए गए।
उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान द्विपक्षीय संवाद पर जोर दिया और प्रखंड अध्यक्षों से उनके अनुभव तथा प्रशिक्षण को लेकर उनकी आकांक्षाओं को समझने का प्रयास किया। इस दौरान कांग्रेस की विचारधारा और आदर्शों से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक संदर्भों पर चर्चा के साथ प्रशिक्षुओं से प्रश्नोत्तरी भी की गई।
मीडिया और सोशल मीडिया को बनाया रणनीति का हिस्सा
प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन कांग्रेस ने मौजूदा दौर की राजनीति में मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका पर विशेष जोर दिया। पार्टी नेताओं ने संगठनात्मक संदेश को डिजिटल माध्यमों से जनता तक पहुंचाने, आधुनिक संचार माध्यमों का इस्तेमाल करने और जन लामबंदी के नए तरीकों पर चर्चा की।
इसके साथ ही राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान यह संदेश देने की कोशिश की गई कि जमीनी संगठन को मजबूत करने के साथ बदलते राजनीतिक और तकनीकी परिवेश के अनुरूप पार्टी की कार्यशैली में भी बदलाव जरूरी है।
गांधी के विचारों से लेकर आधुनिक राजनीतिक रणनीति तक
प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के उद्भव, उसके राजनीतिक संघर्ष, विचारधारा और देश निर्माण में भूमिका से लेकर मौजूदा राजनीतिक चुनौतियों और आगामी रणनीतियों तक विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए गए।
प्रशिक्षण शिविर के प्रभारी संयोजक प्रो. रंजीत मिश्र ने बताया कि यह पांचवां प्रशिक्षण शिविर है। लगभग सभी जिलों के प्रखंड अध्यक्षों का प्रशिक्षण संपन्न हो चुका है। इस शिविर में 20 जिलों के ऐसे प्रखंड अध्यक्षों को शामिल किया गया, जो पहले आयोजित प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो सके थे। संगठन सृजन अभियान के तहत चयनित नवनिर्वाचित प्रखंड अध्यक्षों को दो दिनों तक सात राजनीतिक सत्रों में कांग्रेस के उद्भव से लेकर उसके संघर्ष तक की जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रभात फेरी, गांधी भजन और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए।

‘संगच्छध्वं संबदध्वं’ के जरिए एकजुटता का संदेश
समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि ‘संगच्छध्वं संबदध्वं’ का सूत्र सबको साथ लेकर चलने और सभी के विचारों का सम्मान करने का संदेश देता है। कांग्रेस हमेशा इस सूत्र का सम्मान करती रही है।
उन्होंने कहा कि पंचायत के एक कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक सभी एक सूत्र में बंधे हैं और एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। देश निर्माण में सभी को अपनी भूमिका निभानी है। एक-दूसरे से संवाद और सम्मान कांग्रेस का संस्कार है।
पांचवां प्रशिक्षण शिविर, सात राजनीतिक सत्र
प्रशिक्षण शिविर का संचालन संयोजक प्रो. रंजीत मिश्र ने किया, जबकि विभिन्न सत्रों का संचालन प्रशिक्षक राजकुमार मीणा ने किया। शिविर में असित नाथ तिवारी, कुणाल कुमार, राकेश सिंह, सुश्री ऋचा, जितेन्द्र नाथ पटेल और पूर्व विधायक आनंद शंकर सहित अन्य प्रशिक्षकों ने विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम में बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता पंकज यादव, डॉ. अमन कुमार, सत्येंद्र नारायण, अरविंद शर्मा, डॉ. अनिता कुमारी, पूनम यादव, शैलेन्द्र मिश्र, चंद्रभूषण राजपूत सहित अन्य प्रमुख नेता मौजूद रहे।
दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में संगठनात्मक मजबूती के साथ मीडिया, सोशल मीडिया, महिला भागीदारी और आधुनिक जन लामबंदी पर दिया गया जोर यह संकेत देता है कि बिहार कांग्रेस जमीनी संगठन को मजबूत करने के साथ बदलते राजनीतिक और संचार माध्यमों के अनुरूप अपनी कार्यशैली को भी नए सिरे से तैयार करने में जुटी है।
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