पटना। बिहार छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस की ओर से…
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सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर, परवेश वर्मा और कपिल मिश्रा के खिलाफ हेट स्पीच मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग करने वाली सीपीएम नेता वृंदा करात की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी।
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह तथा पूर्व सचिव विनोद तोमर को बरी कर दिया है।
लोकसभा ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 पारित कर दिया है। नए कानून में पेपर लीक के मामलों में 10 साल तक की जेल, 50 लाख रुपये तक जुर्माना, संगठित अपराध पर 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना, दो महीने में जांच और फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान है। सरकार इसे छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम बता रही है, जबकि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव और मायावती ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत पर जोर दिया है
सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से इसे आपराधिक कानूनों में अलग अपराध घोषित करने और कड़े दंड का प्रावधान करने की सिफारिश की है। अदालत ने कहा कि पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों की संपत्ति जब्त करने पर भी विचार होना चाहिए। सुनवाई के दौरान डीपफेक और साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाते हुए छह राज्यों के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने नाबालिग प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा करने, प्रदर्शन से जुड़े CCTV फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, बॉडी कैमरा और डिजिटल डेटा सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। साथ ही प्रदर्शनकारियों की निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं करने और छात्रों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई से बचने को कहा। अदालत ने पुलिस बल प्रयोग पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में दोषी करार दिए गए ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों की सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। दिल्ली पुलिस ने अदालत से सभी दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। अदालत अब 31 जुलाई को सजा का ऐलान करेगी। इस मामले में छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया है। यह मामला 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में शामिल है।
जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर नागरिक को शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहकर प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है। कोर्ट ने पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच और पूरे देश के लिए प्रदर्शन प्रबंधन की समान गाइडलाइन बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
नई दिल्ली। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट ने आज 1980 में वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का…
To understand the new politics stance and other pro nationals of recent times, we should look to Silicon Valley and…