नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को संविधान के तहत शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहकर प्रदर्शन करने का अधिकार प्राप्त है। केवल किसी स्थान पर विरोध प्रदर्शन होने के आधार पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज या आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग उचित नहीं माना जा सकता।
पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच हो
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यदि किसी मामले में पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग या ज्यादती के आरोप लगे हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही देशभर में विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए एक समान (यूनिफॉर्म) गाइडलाइन तैयार करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
पीठ के दूसरे सदस्य न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि अदालत घायल छात्रों के साथ-साथ घायल पुलिसकर्मियों को लेकर भी समान रूप से चिंतित है। उन्होंने सवाल उठाया कि हिंसक परिस्थितियों से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों को हेलमेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण पर्याप्त संख्या में क्यों उपलब्ध नहीं कराए गए।
क्या है पूरा मामला?
पेपर लीक के आरोपों और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी है। इस आंदोलन में सोनम वांगचुक ने 28 जून से आमरण अनशन शुरू किया था। करीब 20 दिनों तक अनशन करने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।
इसके बाद 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्च निकाला। इस दौरान राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़पें हुईं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस संबंध में कनॉट प्लेस थाना, संसद मार्ग थाना सहित अन्य थानों में एफआईआर भी दर्ज की गई है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी क्यों महत्वपूर्ण है?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि अदालत ने इस स्तर पर आरोपों की सत्यता पर अंतिम
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