पटना। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार की त्रैमासिक पत्रिका ‘कला संवाद’ के तृतीय संस्करण का विमोचन माननीय मंत्री, कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार डॉ. प्रमोद कुमार ने किया। पत्रिका के इस अंक में बिहार की कला, लोक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और विभाग की विभिन्न पहलों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
बिहार की कला और लोक परंपराओं पर फोकस
‘कला संवाद’ के तृतीय संस्करण में बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, विभिन्न कला रूपों और समकालीन रचनात्मक गतिविधियों को शामिल किया गया है। पत्रिका बिहार की कला, संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों को पाठकों तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है।
इस अंक में भिखारी ठाकुर की लोकनाट्य परंपरा, विद्यापति की लोक चेतना, टिकुली कला, मिथिला चित्रकला, लोक संगीत, नृत्य और शास्त्रीय कलाओं सहित बिहार की सांस्कृतिक विविधता को प्रस्तुत किया गया है।
ज्ञान भारतम् मिशन और संग्रहालयों के आधुनिकीकरण को जगह
पत्रिका में कला एवं संस्कृति विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण पहलों और उपलब्धियों को भी स्थान दिया गया है। ज्ञान भारतम् मिशन के माध्यम से पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, संरक्षण और डिजिटलीकरण के साथ-साथ संग्रहालयों के आधुनिकीकरण, विरासत संरक्षण और सांस्कृतिक संस्थानों की गतिविधियों को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
इसके अलावा बिहार को फिल्म निर्माण का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों और फिल्म अध्ययन छात्रवृत्ति के माध्यम से युवाओं को प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन के अवसर उपलब्ध कराने की पहल को भी पत्रिका में जगह दी गई है।

‘कला संवाद’ सांस्कृतिक उपलब्धियों को समाज तक पहुंचाने का माध्यम : डॉ. प्रमोद कुमार
विमोचन के अवसर पर मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि ‘कला संवाद’ बिहार की सांस्कृतिक विरासत, विभागीय पहलों और समकालीन रचनात्मक गतिविधियों को समाज के सामने रखने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार की पहचान उसके गौरवशाली इतिहास के साथ-साथ उसकी जीवंत लोक परंपराओं, कला रूपों और रचनात्मक अभिव्यक्तियों से भी बनती है। इन सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण और उनका व्यापक प्रसार आवश्यक है।
मंत्री ने कहा कि विभाग कलाकारों, शिल्पकारों, रंगकर्मियों, शोधार्थियों और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रहा है। ‘कला संवाद’ के माध्यम से इन प्रयासों और बिहार की सांस्कृतिक उपलब्धियों को व्यापक समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारी रहे मौजूद
विमोचन कार्यक्रम के दौरान निदेशक, सांस्कृतिक कार्य निदेशालय रूबी, निदेशक, संग्रहालय कृष्ण कुमार और संयुक्त सचिव महमूद आलम सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
‘कला संवाद’ का तृतीय संस्करण बिहार की कला, संस्कृति, विरासत और विभागीय गतिविधियों को एक साथ प्रस्तुत करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है। पत्रिका के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विविधता और समकालीन गतिविधियों को पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
ये भी पढ़ें:-
प्रयागराज NCZCC में 30 दिवसीय नाट्य कार्यशाला शुरू, देशभर के 30 युवा रंगकर्मी लेंगे प्रशिक्षण
Piya Ka Ghar का फर्स्ट लुक रिलीज, काजल राघवानी और रितेश उपाध्याय की हॉरर फिल्म को लेकर बढ़ा उत्साह
