नई दिल्ली। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI को आगे की जांच करने की अनुमति दे दी है। मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज अजय गुप्ता ने जांच एजेंसी को डिजिटल साक्ष्यों और डेटा से जुड़े पहलुओं की आगे जांच करने तथा उसकी जानकारी पूरक चार्जशीट के साथ दाखिल करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों से स्पष्ट है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और चार्जशीट पर संज्ञान लिए जाने के बाद भी मामले की सुनवाई आगे होनी है। ऐसे में CBI को आगे की जांच करने की अनुमति दी जाती है।
13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पर कोर्ट ले चुका है संज्ञान
बता दें कि 12 अगस्त को कोर्ट ने CBI की ओर से 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। CBI ने जिन लोगों को आरोपी बनाया है, उनमें यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं।
पूर्व की कोर्ट कार्यवाही में इन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रखे जाने की जानकारी सामने आई थी। जुलाई में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सभी 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी बढ़ाई थी।
किन धाराओं के तहत दर्ज है मामला?
CBI ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238 और 303(2), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) और 13(1)(a) तथा Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
तीन आरोपियों के लाई डिटेक्टर टेस्ट की नहीं मिली थी अनुमति
इससे पहले कोर्ट ने तीन आरोपियों—मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल—का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की CBI की मांग को अनुमति नहीं दी थी।
चार्जशीट पर सुनवाई के दौरान CBI की ओर से बताया गया था कि मामले में 12 मई को FIR दर्ज की गई थी। इसके बाद 72 अधिकारियों और आठ साइबर फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से जांच शुरू की गई।
जांच एजेंसी के अनुसार, CBI ने महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी की। मामले में पहली गिरफ्तारी 13 मई को की गई थी।
डिजिटल साक्ष्यों की जांच पर जोर
अब कोर्ट ने CBI को डिजिटल साक्ष्यों और डेटा से जुड़े पहलुओं की आगे जांच करने की अनुमति दी है। जांच एजेंसी को इस जांच के नतीजों को पूरक चार्जशीट के माध्यम से अदालत के सामने रखने को कहा गया है।
मामले की जांच अभी जारी है। इसलिए आरोपियों की भूमिका से जुड़े अंतिम निष्कर्ष अदालत में मुकदमे की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होंगे।
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