राष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सपा जिलाध्यक्ष ने की मांग; दोनों मंत्रियों के हालिया बयानों को लेकर उठाए सवाल
मुंगेर। समाजवादी पार्टी के मुंगेर जिलाध्यक्ष पप्पू यादव ने बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी और भगवान सिंह कुशवाहा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में राष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र भेजे जाने की बात कही है।
पप्पू यादव ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि हाल के बयानों से बिहार में सामाजिक और जातीय तनाव का माहौल बन रहा है। उन्होंने सरकार से दोनों मंत्रियों के बयानों को गंभीरता से लेने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
अशोक चौधरी के बयान पर उठाए सवाल
पप्पू यादव ने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी के हालिया बयान का उल्लेख करते हुए उन पर बिहार की जनता के एक बड़े हिस्से के लिए आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया।
दरअसल, 24 सितंबर को जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं को लेकर सवाल किए जाने पर अशोक चौधरी ने कहा था कि ऐसी घटनाएं अमेरिका और जापान जैसे देशों में भी होती हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि महत्वपूर्ण यह है कि घटना के बाद सरकार और प्रशासन क्या कार्रवाई करते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इसी दौरान उन्होंने बिहार की 14 करोड़ की आबादी के संदर्भ में ‘अनपढ़’, ‘जाहिल’, ‘गंवार’ और ‘देहाती’ जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया था।
अशोक चौधरी ने इसी बयान के दौरान यह भी कहा था कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी और सरकार अपराधियों को संरक्षण नहीं देगी।
भगवान सिंह कुशवाहा के बयान का भी जिक्र
सपा जिलाध्यक्ष ने योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा के यादव समाज को लेकर दिए गए बयान पर भी आपत्ति जताई।
25 सितंबर को सामने आए एक बयान में भगवान सिंह कुशवाहा ने यादव समाज में ‘लुच्चा-लफंगा’ प्रवृत्ति के लोगों की संख्या ज्यादा होने की बात कही थी। उनके बयान को लेकर बिहार की राजनीति में विवाद हुआ।
हालांकि, अगले दिन भगवान सिंह कुशवाहा ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनका आशय पूरे यादव समाज को ‘लुच्चा-लफंगा’ कहना नहीं था। उन्होंने कहा कि उनका संदर्भ आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों से था और अपराध की कोई जाति नहीं होती।
‘सरकार की चुप्पी से बढ़ रहा असहजता का माहौल’
पप्पू यादव ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि दोनों मंत्रियों के बयानों पर सरकार की ओर से पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं आने से लोगों में असहजता और असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे बयानों के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने सरकार से दोनों मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की।
सपा जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की तो राज्य में बढ़ रही अराजकता और असहिष्णुता के लिए सरकार को जिम्मेदार माना जाएगा।
दोनों मंत्री अभी सरकार में हैं
बिहार विधान परिषद की आधिकारिक मंत्री सूची के अनुसार अशोक चौधरी खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और भगवान सिंह कुशवाहा योजना एवं विकास विभाग के मंत्री हैं।
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