नई दिल्ली। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत पांच आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार अंकित श्रीवास्तव को दो दिनों की ACB हिरासत में भेजा है।
सत्येंद्र जैन और दूसरे आरोपियों को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। सत्येंद्र जैन की ओर से पेश वकील मनिंदर सिंह ने जैन की गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया है। उन्होंने कहा कि जैन को गिरफ्तार करते समय गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई गई, जो सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उल्लंघन है।
NEET परीक्षा में सुधारों को संस्थागत रूप दे NTA : सुप्रीम कोर्ट
दिल्ली जल बोर्ड मामले में हुई गिरफ्तारियां
ACB ने सत्येंद्र जैन के अलावा जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, उनमें दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव, मेसर्स एएन एंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव, मेसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और मेसर्स सृजनहार के मालिक पंकज वर्मा शामिल हैं।
इन आरोपियों को ACB की उस FIR के मामले में गिरफ्तार किया गया है, जो 11 मई 2024 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।
ACB का आरोप- खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बदली गईं टेंडर शर्तें
ACB का आरोप है कि टेंडर की शर्तें एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई थीं। मामले में दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े टेंडर और कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
इस मामले की पृष्ठभूमि में दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े टेंडरों की जांच भी सामने आई है। बाद में ED ने भी ACB की FIR के आधार पर मनी लाउंड्रिंग की जांच शुरू की थी। ED ने आरोप लगाया था कि टेंडर की शर्तों में कथित तौर पर इस तरह बदलाव किया गया, जिससे एक कंपनी को लाभ मिल सके।
सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा बदलने की याचिका खारिज की, कम पीड़ादायक विकल्प पर विचार की गुंजाइश
मनी लाउंड्रिंग मामले में 872 दिन जेल में रहे सत्येंद्र जैन
सत्येंद्र जैन अक्टूबर 2024 में मनी लाउंड्रिंग के मामले में तिहाड़ जेल से बाहर आए थे। वे मनी लाउंड्रिंग के मामले में 872 दिन जेल में रहे थे। ED ने उन्हें 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। 18 अक्टूबर 2024 को ट्रायल कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी।
सत्येंद्र जैन से जुड़े पुराने मनी लाउंड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट का भी फैसला आ चुका है। मार्च 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने उनके मामले में जमानत से जुड़े आदेश पर फैसला सुनाया था।
हालांकि, मौजूदा गिरफ्तारी दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े ACB मामले में हुई है और इसे उनके पुराने मनी लाउंड्रिंग मामले से अलग समझा जाना चाहिए।
ये भी पढ़ें:-
राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, आय से अधिक संपत्ति मामले में HC की कार्यवाही पर रोक
राम मंदिर दान चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, SIT को जांच में तेजी लाने का निर्देश
