नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने कोचिंग संचालक खान सर और दूसरे कोचिंग टीचर की कथित अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर एक महिला टीवी पत्रकार अंजना ओम कश्यप की ओर से दाखिल मानहानि याचिका को मध्यस्थता के लिए रेफर कर दिया है। जस्टिस तुषार राव गडेला कि बेंच ने ये आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि अगर कोई वरिष्ठ मध्यस्थ की नियुक्त होती है तो दोनों पक्षकार विवाद सुलझा सकते हैं। दोनों पक्ष आज ही शाम को मध्यस्थ के समक्ष पेश होकर विवाद को सुलझाने की कोशिश करेंगे। दोनों पक्षकारों को मध्यस्थता के पास रेफर करते हुए कोर्ट ने खान सर और दूसरे कोचिंग संचालकों से कहा कि वो महिला पत्रकार के बच्चों संबंधी विवरण का खुलासा करने वाले पोस्ट को हटा दें। कोर्ट ने महिला पत्रकार से भी कहा कि वे कोचिंग संचालकों को टारगेट नहीं करें।

इसके पहले कोर्ट ने महिला टीवी पत्रकार को तत्काल कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया था । जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की वेकेशन बेंच ने खान सर समेत दूसरे कोचिंग संचालकों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। महिला टीवी पत्रकार की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रसारित वीडियो और पोस्ट में उनको लेकर बिकाऊ पत्रकार, चाटुकार और दल्ली जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, उन पर दलाली करने और फेक न्यूज की दुकान चलाने का भी आरोप लगाया गया है। टीवी पत्रकार ने कहा है कि इस पोस्ट की वजह से उनके परिवार को उत्पीड़न और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल याचिकाकर्ता टीवी पत्रकार ने अपने न्यूज चैनल पर स्टार टीचर्स नामक अपना शो चलाया था। जिसमें उन्होंने कोचिंग संचालकों को दो कौड़ी का टीचर कहा था। इसके बाद इस मामले पर बवाल मच गया और कई कोचिंग संचालकों ने वीडियो बनाकर संबंधित पत्रकार की तीखी आलोचना की। सोशल मीडिया पर इसे लेकर पक्ष विपक्ष में काफी तर्क-वितर्क देखने को मिले। उसके बाद संबंधित पत्रकार और उनके मीडिया संगठन ने खान सर और कुछ दूसरे कोचिंग संचालकों के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर की। मानहानि याचिका में संबंधित पत्रकार और न्यूज चैनल ने दो करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।
