मोर्चा संयोजक पप्पू यादव ने रेलवे बोर्ड के सीईओ, आरपीएफ डीजी, जीएम और पीसीएससी को लिखा पत्र; वायरल वीडियो की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
जमालपुर। जमालपुर रेलकर्मी से मारपीट का मामला अब रेलवे मुख्यालय तक पहुंच गया है। जमालपुर रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोर्चा के संयोजक सह समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष पप्पू यादव ने मामले को लेकर रेलवे बोर्ड के सीईओ, आरपीएफ के डीजी, पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक और प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त (PCSC) को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। पत्र पर पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक ने संज्ञान लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है।
मोर्चा संयोजक पप्पू यादव के मुताबिक, जमालपुर रेल कारखाना के WCS-2 में कार्यरत कर्मचारी देवन कुमार के साथ WRS-3 शॉप में काम करने के दौरान NF 4G कंपनी के एक मजदूर द्वारा कथित तौर पर मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि कर्मचारी के साथ लात-घूंसे और लाठी से मारपीट की गई और इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ है।
पप्पू यादव ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि घटना के बावजूद रेल प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले में आरपीएफ को प्राथमिकी दर्ज कर जांच करनी चाहिए थी अथवा मामले को बिहार पुलिस को सौंपा जाना चाहिए था।
जमालपुर रेलकर्मी से मारपीट : आरपीएफ की भूमिका पर भी उठाए सवाल
मोर्चा संयोजक ने पत्र में आरपीएफ के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कारखाना इंस्पेक्टर और उनकी टीम मामले में प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय उसे दबाने की कोशिश कर रही है।
पत्र में उन्होंने कुछ रेल अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच कथित गठजोड़ का भी आरोप लगाया है। हालांकि, ये आरोप पत्र में लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पप्पू यादव ने पत्र में कुछ दिन पहले एक AWM अधिकारी के साथ कथित मारपीट की घटना का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार, एक ठेकेदार ने वर्कशॉप रोड स्थित क्वार्टर में जाकर अधिकारी के परिजनों के सामने मारपीट की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस मामले में भी कार्रवाई करने के बजाय मामले को समझौते के जरिए खत्म करने का प्रयास किया गया।
रेलकर्मियों की सुरक्षा पर उठाया सवाल
मोर्चा संयोजक ने रेलवे संपत्ति और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ठेकेदारों या उनके कर्मचारियों द्वारा रेलकर्मियों के साथ मारपीट जैसी घटनाएं होती हैं और उन पर समय रहते कार्रवाई नहीं होती है तो इससे कारखाने के कामकाज और कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।
उन्होंने वायरल वीडियो की जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने संबंधित आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है।
पप्पू यादव ने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मोर्चा आगे आंदोलन कर सकता है।
रेलवे जीएम ने दिया जांच का आश्वासन
इस पूरे मामले में मोर्चा संयोजक द्वारा भेजे गए पत्र पर पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक ने संज्ञान लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है।
अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रेलकर्मी के साथ हुई कथित मारपीट की घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और आरपीएफ अथवा रेलवे अधिकारियों की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
नोट: इस खबर में मारपीट, आरपीएफ और ठेकेदारों के बीच कथित गठजोड़ तथा अधिकारियों की भूमिका से जुड़े आरोप मोर्चा संयोजक पप्पू यादव के पत्र/बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस कॉपी में नहीं हुई है।
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