मुंगेर। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण मुंगेर में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी सतर्कता, संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्यों में जुटा है। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार भ्रमण कर जमीनी स्थिति का जायजा ले रहे हैं। वे प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने के साथ-साथ आवश्यक राहत सामग्री का वितरण भी कर रहे हैं।
मौके पर मुंगेर विधायक कुमार प्रणय, पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद, सदर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार अभिषेक सहित जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
कुतलुपुर में ग्रामीणों से मिले डीएम
इस क्रम में रविवार को जिलाधिकारी ने जिले के कुतलुपुर क्षेत्र का भ्रमण कर ग्रामीणों से उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस दौरान मुंगेर में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण भी किया गया।
वहीं, आज जिलाधिकारी ने मुंगेर में बाढ़ प्रभावित इलाके हरिणमार एवं झोवा बहियार का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही राहत एवं सहायता की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण करते हुए कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री एवं आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में जाने की अपील
जिलाधिकारी ने मुंगेर में बाढ़ प्रभावित लोगों से अपील करते हुए कहा कि जलस्तर में वृद्धि अथवा अन्य किसी प्रकार की आपात स्थिति की आशंका होने पर अपने घरों में रहने के बजाय सुरक्षित स्थानों एवं जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित राहत शिविरों में चले जाएं।
उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सामुदायिक रसोई में भोजन की गुणवत्ता की जांच
जिलाधिकारी ने हरिणमार एवं झोवा बहियार में संचालित सामुदायिक रसोई का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रसोई में तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई एवं भोजन वितरण की व्यवस्था का जायजा लिया तथा स्वयं भोजन की गुणवत्ता की जांच की।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मुंगेर में बाढ़ प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सामुदायिक रसोई में स्वच्छता, पौष्टिकता एवं समय पर भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।
प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय
जिलाधिकारी ने मुंगेर में बाढ़ प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में जिला प्रशासन पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा है। प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं और परिस्थितियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
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