बिहार कैबिनेट के 24 फैसले: नई चीनी मिल, गो-धन ऋण योजना, 50 ड्रोन और 12 अस्पतालों में ई-सुश्रुत NX को भी मंजूरी
पटना। बिहार सरकार ने कैबिनेट की बैठक में उच्च शिक्षा, कृषि-पशुपालन, डेयरी, पुलिस आधुनिकीकरण, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार, 23 सितंबर 2026 को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें पटना में माता सीता महिला विश्वविद्यालय और बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना प्रमुख फैसलों में शामिल है।
पटना में बनेगा माता सीता महिला विश्वविद्यालय
कैबिनेट ने बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के तहत पटना में माता सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी है। विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़े शुरुआती कार्यों और पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। कैबिनेट ने प्रस्तावित नाम में ‘मां सीता’ की जगह ‘माता सीता’ नाम को मंजूरी दी।
पटना जिले के अंगीभूत एवं संबद्धता प्राप्त महिला महाविद्यालय इस विश्वविद्यालय के क्षेत्राधिकार में आएंगे। हालांकि पटना विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले कॉलेज इसके दायरे में नहीं होंगे।
दिनकर जयंती पर बेगूसराय को विश्वविद्यालय की सौगात
कैबिनेट ने बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दी। इसके लिए भी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन आदि से जुड़े खर्च के लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
दिनकर की जयंती के दिन उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना का फैसला किया गया है। विश्वविद्यालय का क्षेत्राधिकार बेगूसराय और खगड़िया जिले के संबंधित अंगीभूत एवं संबद्धता प्राप्त महाविद्यालयों तक होगा। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध एवं उसके अंगीभूत महाविद्यालय इसके क्षेत्राधिकार में शामिल नहीं होंगे।
वारिसलीगंज में नई चीनी मिल को मंजूरी
कैबिनेट ने नवादा के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। प्रस्तावित परियोजना में 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना बताई गई है। सरकार के अनुसार इससे नवादा के अलावा नालंदा, शेखपुरा और जमुई के किसानों को भी लाभ मिल सकता है। चीनी मिल की स्थापना के लिए नवादा में 99.39 एकड़ सरकारी जमीन गन्ना उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी भी दी गई है।
कैबिनेट की बैठक : पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना
कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना को भी मंजूरी दी है। योजना के तहत पशुपालकों को बैंक ऋण के ब्याज पर 100 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रावधान है, जिससे लाभुकों को मूलधन चुकाना होगा।
योजना के तहत तीन उन्नत नस्ल की गाय या दो भैंस के माध्यम से दुग्ध उत्पादन और रोजगार को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक तीन वर्षों के लिए इस योजना पर लगभग 160.10 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
कोसी में डेयरी विकास की आठ परियोजनाओं को मंजूरी
सुपौल, मधेपुरा और सहरसा में डेयरी विकास के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें दही प्लांट, प्रीमियम आइसक्रीम प्लांट, टोटल मिक्स्ड राशन प्लांट, मिल्क चिलिंग प्लांट, बल्क मिल्क कूलिंग यूनिट और अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
इन परियोजनाओं पर करीब 126.07 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नई दुग्ध सहकारी समितियों के गठन की योजना भी इसमें शामिल है।
पुलिस के लिए खरीदे जाएंगे 50 आधुनिक ड्रोन
पुलिस आधुनिकीकरण के तहत राज्य में 50 आधुनिक ड्रोन खरीदने की मंजूरी दी गई है। इनका इस्तेमाल भीड़ नियंत्रण एवं प्रबंधन, नदी क्षेत्र में अभियान, नक्सल विरोधी और अपराध विरोधी अभियान तथा आपदा प्रबंधन में किया जा सकेगा।
इसके लिए 24.50 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा जिला पुलिस, रेल पुलिस, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो को मजबूत करने के लिए उपकरणों की खरीद पर करीब 336.85 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई है।
12 चिकित्सा संस्थानों में लागू होगा ई-सुश्रुत NX
राज्य के 12 चिकित्सा संस्थानों में ई-सुश्रुत NX एप्लीकेशन लागू करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। सी-डैक द्वारा विकसित इस एप्लीकेशन के संचालन पर तीन वर्षों में करीब 29.79 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। संतोषजनक संचालन की स्थिति में आगे दो वर्ष के विस्तार का भी प्रावधान है।
पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की नीति
बिहार में पशु चिकित्सा सेवाओं और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए ‘बिहार पशु चिकित्सा अवस्थापना एवं सेवा सुदृढ़ीकरण नीति’ को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।
बिहार जल संसाधन विकास निगम के गठन को मंजूरी
जल संसाधन विभाग के अंतर्गत बिहार जल संसाधन विकास निगम लिमिटेड के गठन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। कंपनी का गठन कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के तहत किया जाएगा।
पटना में ‘आचार्य किशोर कुणाल सब-वे’
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत जीपीओ गोलंबर के पास मल्टी-मॉडल हब को पटना जंक्शन से जोड़ने वाले भूमिगत सब-वे का नाम अब ‘आचार्य किशोर कुणाल सब-वे’ रखने की मंजूरी दी गई है।
बिजली बोर्ड के पूर्व कर्मचारियों के लिए 757.63 करोड़
कैबिनेट ने पूर्व बिहार राज्य विद्युत बोर्ड के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के 31 अक्टूबर 2012 तक के अनफंडेड टर्मिनल बेनिफिट के दायित्व के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 757.63 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की मंजूरी दी है। यह राशि बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड को पांच समान किस्तों में दी जाएगी।
गांधी जयंती पर दो दोषसिद्ध कैदियों की रिहाई
कैबिनेट ने 2 अक्टूबर 2026, गांधी जयंती के अवसर पर एकमुश्त उपाय के तहत दो दोषसिद्ध बंदियों को परिहार का लाभ देकर जेल से रिहा करने का फैसला किया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेशों के आधार पर बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-743 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है।
शहीद सूबेदार की पत्नी को अनुकंपा पर नौकरी
युद्ध अथवा युद्ध जैसी स्थिति में शहीद हुए सूबेदार संतोष कुमार की आश्रित पत्नी कनक कुमारी को अनुकंपा के आधार पर बिहार सरकार में नौकरी देने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।
पशुधन गणना के लिए 81 पद सृजित होंगे
केंद्र प्रायोजित पशुधन गणना एवं एकीकृत नमूना सर्वेक्षण योजना के तहत राज्य में दूध, अंडा, मांस और ऊन के उत्पादन का अनुमान लगाने के लिए 81 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस पर करीब 5.21 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मत्स्य क्षेत्र में 195.28 करोड़ की परियोजना
मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष के तहत प्रस्तावित परियोजना के लिए 195.28 करोड़ रुपये की लागत को मंजूरी दी गई है। इसके साथ बिहार राज्य मछुआरा आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों के मानदेय एवं अन्य सुविधाओं के पुनर्निर्धारण को भी मंजूरी मिली है।
पटना नगर निगम के पुराने ऋण को अनुदान में बदलने की मंजूरी
कैबिनेट की बैठक में पटना नगर निगम को कर्मचारियों के वेतन आदि के भुगतान के लिए राज्य सरकार की ओर से दिए गए करीब 41 करोड़ रुपये के पुराने ऋण को अनुदान में बदलने की मंजूरी दी है।
अन्य फैसले भी
कैबिनेट की बैठक में बिहार बॉयलर (जांच, न्यायनिर्णयन एवं अपील) नियमावली, 2026 को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा विभिन्न सरकारी आयोगों, बोर्ड, निगम, परिषद और समितियों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के वेतन, दैनिक भत्ता और आतिथ्य भत्ता में संशोधन से जुड़े प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
एक नजर में कैबिनेट के बड़े फैसले
- पटना में माता सीता महिला विश्वविद्यालय
- बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय
- वारिसलीगंज में नई चीनी मिल
- मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना
- कोसी क्षेत्र में 126.07 करोड़ की डेयरी परियोजनाएं
- पुलिस के लिए 50 आधुनिक ड्रोन
- पुलिस एवं संबंधित विभागों के उपकरणों के लिए 336.85 करोड़
- 12 चिकित्सा संस्थानों में ई-सुश्रुत NX
- बिहार जल संसाधन विकास निगम का गठन
- GPO गोलंबर सब-वे का नाम आचार्य किशोर कुणाल सब-वे
- पूर्व बिजली बोर्ड के टर्मिनल बेनिफिट के लिए 757.63 करोड़
- गांधी जयंती पर दो दोषसिद्ध कैदियों की रिहाई
- पशुधन सर्वेक्षण के लिए 81 पद
- मत्स्य क्षेत्र के लिए 195.28 करोड़ की परियोजना
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