खरीफ 2026 का डिजिटल क्रॉप सर्वे तेज, 41 लाख प्लॉट का सर्वे पूरा; 30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
पटना, 1 सितंबर 2026। बिहार में खेती का पारंपरिक रिकॉर्ड अब धीरे-धीरे डिजिटल डेटा में बदल रहा है। कृषि विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों में खरीफ 2026 के डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम शुरू किया है। इस बार विभाग ने 2 करोड़ 62 लाख 84 हजार 716 प्लॉट के सर्वे का लक्ष्य रखा है। विभाग के मुताबिक अब तक करीब 41 लाख प्लॉट का सर्वे पूरा किया जा चुका है।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम 13 अगस्त 2026 से शुरू हुआ है और 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस सर्वे के जरिए खेत में बोई गई फसल का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
अब डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज होगी खेत की फसल
डिजिटल क्रॉप सर्वे में खेत, फसल और उसकी जियो-टैग्ड तस्वीर समेत जरूरी जानकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज की जा रही है। इससे यह जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी कि राज्य के किस क्षेत्र में, किस किसान के किस प्लॉट में कौन-सी फसल बोई गई है।
सर्वे में धान समेत खरीफ की प्रमुख फसलों के अलावा बागवानी फसलों और एक माह से अधिक समय पहले रोपी गई फसलों को भी शामिल किया गया है।

यानी आने वाले समय में कृषि विभाग के पास सिर्फ जिले या प्रखंड स्तर का अनुमान नहीं, बल्कि प्लॉट स्तर पर फसल से जुड़ा डिजिटल डेटा उपलब्ध हो सकेगा।
2.62 करोड़ प्लॉट के आंकड़े से बदल सकता है कृषि योजनाओं का तरीका
डिजिटल क्रॉप सर्वे से फसल आच्छादन का ज्यादा सटीक और व्यवस्थित आंकड़ा मिलने की उम्मीद है। इससे मौसमवार और फसलवार आच्छादन का आकलन करने के साथ-साथ उत्पादन और उत्पादकता का पूर्वानुमान लगाने में भी मदद मिलेगी।
इसका सीधा इस्तेमाल कृषि योजनाओं की तैयारी में किया जा सकता है। विभाग के अनुसार सर्वे से मिलने वाले आंकड़ों का उपयोग फसल बीमा, कृषि इनपुट की जरूरत, फसल विपणन, भंडारण प्रबंधन और सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं को लक्षित तरीके से किसानों तक पहुंचाने में किया जा सकेगा।
38 जिलों में कर्मचारी कर रहे सर्वे, मुख्यालय से निगरानी
सर्वे को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सभी जिलों में कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक और किसान सलाहकार काम कर रहे हैं।
सर्वे की गुणवत्ता की निगरानी मुख्यालय स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। जिलों में आकस्मिक क्षेत्र भ्रमण के साथ-साथ दैनिक और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट के जरिए काम की समीक्षा की जा रही है।

मास्टर ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण
कृषि विभाग ने डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया है। इसके बाद प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स जमीनी स्तर पर सर्वे से जुड़े कर्मचारियों को तकनीकी मार्गदर्शन दे रहे हैं।
विभाग का कहना है कि इससे सर्वे का काम सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी।
किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मिलेगी मदद
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे से बिहार के कृषि क्षेत्र का विश्वसनीय डेटाबेस तैयार करने में मदद मिलेगी। इस डेटा के आधार पर कृषि योजनाओं को जमीनी जरूरतों के हिसाब से तैयार और लागू किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि डिजिटल डेटा से फसलों की स्थिति की बेहतर निगरानी होगी और किसानों तक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं को ज्यादा प्रभावी और लक्षित तरीके से पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
मंत्री के मुताबिक बिहार का लक्ष्य कृषि व्यवस्था को डेटा-आधारित, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और किसान-केंद्रित बनाना है।
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