500 से अधिक लोक कलाकार देंगे प्रस्तुति; ग्रामीण भारत एक्सपो, लेजर शो, AI, जैविक खेती, महिला सशक्तीकरण और स्वास्थ्य शिविर होंगे प्रमुख आकर्षण
अजमेर : राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला और ग्रामीण नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य का सबसे बड़ा ग्रामीण उत्सव ‘देवलिया कलां फेस्टिवल-2027’ आगामी 10 जनवरी 2027 (रविवार) को आयोजित होने जा रहा है। ‘फोकस भारत’ (Focus Bharat) की अनूठी पहल और ‘फोकस फाउंडेशन’ के सहयोग से आयोजित होने वाले इस भव्य मेले का यह छठा (6ठा) संस्करण है। इस बार का यह उत्सव ‘ग्राम स्वराज, ग्राम आत्मनिर्भर और आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को समर्पित है।
अजमेर में देवलिया कलां फेस्टिवल-2027
इस महाकुंभ का आयोजन अजमेर जिले की भिनाय तहसील के अंतर्गत आने वाली देवलिया कलां ग्राम पंचायत में किया जाएगा। कार्यक्रम की मुख्य परिकल्पना और संयोजन फोकस भारत की प्रधान संपादक कविता नरुका द्वारा किया गया है, जो लंबे समय से ग्रामीण प्रतिभाओं और महिला सशक्तीकरण को एक बड़ा मंच प्रदान कर रही हैं। इस बार के मुख्य आकर्षण (Top Highlights): इस एक दिवसीय उत्सव में कला, साहित्य और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। इस वर्ष के आयोजन में कई आकर्षक कार्यक्रम होंगे.
राजस्थान लोक संस्कृति महाकुंभ :
देश-विदेश में प्रसिद्ध 500 से अधिक लोक कलाकारों द्वारा रंगारंग और भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।लेज़र लाइट शो: राजस्थान की वैभवशाली संस्कृति और गौरवमयी इतिहास पर आधारित 15 से 20 मिनट का एक विशेष और आधुनिक लेज़र शो प्रदर्शित किया जाएगा।
ग्रामीण भारत एक्सपो :
कृषि, हस्तशिल्प, पर्यटन और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक विशाल प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
भक्ति संगीत व कला प्रदर्शनी: कबीर, मीरा एवं अन्य लोक भजनों की संगीतमय प्रस्तुतियों के साथ-साथ शानदार हैंडीक्राफ्ट एग्जीबिशन का आयोजन होगा।

तकनीक और भविष्य (AI): पहली बार ग्रामीण क्षेत्र में ‘एग्रो टूरिज्म और जैविक खेती’ के साथ-साथ ‘कृषि एवं खेती में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)’ के उपयोग पर विशेष सत्र आयोजित होगा। साथ ही ग्रामीण युवाओं के लिए ‘AI के साथ करियर एवं रोजगार’ पर मार्गदर्शन सत्र भी रखा गया है।
महिला सशक्तीकरण व स्वास्थ्य :
ग्रामीण महिलाओं द्वारा सामूहिक लोकगीतों की प्रस्तुति होगी। इसके अलावा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नि:शुल्क सिलाई मशीन वितरण और महिलाओं की सुरक्षा व कानून पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा एक नि:शुल्क हेल्थ कैंप भी लगाया जाएगा।
पर्यावरण संकल्प व होम स्टे: उत्सव में महिलाओं द्वारा पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया जाएगा। इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण संस्कृति के आदान-प्रदान के लिए ‘होम स्टे’ मॉडल को प्रदर्शित किया जाएगा।
ग्रामीणों को किया जाएगा सम्मानित
विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले ग्रामीणों को ‘देवलिया कलां अवार्ड्स’ और ‘कनिष्क ग्राम स्वराज अवार्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। पिछले आयोजनों की सफलता और सफरदेवलिया कलां फेस्टिवल की शुरुआत ग्रामीण अंचल की छिपी हुई कला और महिला शक्ति को मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से हुई थी। अपनी स्थापना से लेकर अब तक इसके पांच सफल संस्करण आयोजित हो चुके हैं। पिछले वर्ष (2026) में आयोजित इसका पांचवां संस्करण 29 जनवरी को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था, जिसने ग्रामीण नवाचार और ग्राम स्वराज की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की थी। प्रत्येक वर्ष के साथ इस उत्सव का आकार और लोकप्रियता बढ़ती जा रही है, यही वजह है कि आज इसे राजस्थान के सबसे बड़े ग्रामीण उत्सव का दर्जा हासिल हो चुका है।

आयोजक कविता नरुका (प्रधान संपादक, फोकस भारत) ने प्रदेश भर के कला प्रेमियों, किसानों और युवाओं को 10 जनवरी 2027 को अजमेर के देवलिया कलां में सादर आमंत्रित किया है। उनका कहना है कि आत्मनिर्भर गांव-आत्मनिर्भर भारत को सार्थक बनाने की दिशा में यह आयोजन एक छोटा सा प्रयास है. गांव के विकास के साथ गांव का नाम विश्व के मानचित्र पर लाने के दृढ़ संकल्प को रफ्तार मिल सके, इसलिए ऐसी कोशिश की जा रही है. बता दें कि पिछले कई सालों से ‘देवलिया कलां फेस्टिवल आयोजित हो रहा है. जिसमें बड़ी संख्या में लोग पूरे उत्साह से साथ शामिल होते हैं।
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