बिजली और चिकित्सा व्यवस्था भी नदारद, खुले तार और सॉकेट से हादसे का खतरा ; प्रशासन ने टीम भेजकर स्थिति की जानकारी ली
मुंगेर। बबुआ घाट में बाढ़ के कारण शरण लिए बाढ़ प्रभावित परिवारों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। किला क्षेत्र के बबुआ घाट में जाफर नगर, कुतलूपुर और सीताचरण इलाके के कई परिवार अपने घर-बार छोड़कर शरण लिए हुए हैं। इन परिवारों से बातचीत में भोजन, बिजली, पेयजल, चिकित्सा और साफ-सफाई से जुड़ी कई समस्याएं सामने आईं। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से उन्हें पर्याप्त भोजन नहीं मिल पा रहा है।
बबुआ घाट में मौजूद राहत स्थल पर बिजली, पंखे, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी समुचित इंतजाम दिखाई नहीं दिया। डॉक्टर, नर्स और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था नहीं होने से बीमार लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे गंभीर स्थिति बिजली व्यवस्था को लेकर सामने आई। राहत स्थल पर बिजली के तार और सॉकेट खुले पड़े हैं, जिससे किसी भी समय हादसे का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जमीन पर करंट उतरने के कारण जानवरों के करंट की चपेट में आने की घटनाएं भी हो चुकी हैं।
बिजली और चिकित्सा व्यवस्था की कमी
राहत स्थल पर बिजली, पंखे, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी समुचित इंतजाम दिखाई नहीं दिया। डॉक्टर, नर्स और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था नहीं होने से बीमार लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे गंभीर स्थिति बिजली व्यवस्था को लेकर सामने आई। राहत स्थल पर बिजली के तार और सॉकेट खुले पड़े हैं, जिससे किसी भी समय हादसा होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जमीन पर करंट उतरने के कारण जानवरों के करंट की चपेट में आने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
गंदगी और जलजमाव से संक्रमण का खतरा
राहत स्थल के आसपास गंदगी और जलजमाव की स्थिति भी बनी हुई है। इससे संक्रमण और बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। प्रभावित लोगों के बीच बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता की भी कमी नजर आई।
स्थानीय पदाधिकारियों से बातचीत करने पर समस्याओं के समाधान का आश्वासन जरूर मिला, लेकिन प्रभावित लोगों का कहना है कि जमीनी स्तर पर अभी तक उसका पर्याप्त असर दिखाई नहीं दे रहा है।
सीओ ने कर्मियों को बबुआ घाट भेजा
समस्याओं के संबंध में पूछे जाने पर मुंगेर सदर अंचलाधिकारी अंजली कुमारी ने अपने कर्मियों को बबुआ घाट भेजा। कर्मियों ने वहां पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और सामुदायिक किचन से संबंधित जानकारी ली।
कर्मियों ने बताया कि राहत स्थल पर सामने आई व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं की जानकारी संबंधित पदाधिकारी को दी जाएगी।
वहीं, मुंगेर के सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने का आश्वासन दिया है।
नगर आयुक्त से संपर्क की कोशिश, जवाब नहीं मिला
राहत स्थल के आसपास फैली गंदगी के संबंध में जब नगर आयुक्त से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसलिए इस संबंध में नगर निगम का पक्ष खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका।

बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत की जरूरत
बबुआ घाट में मौजूद बाढ़ पीड़ित परिवारों की स्थिति को देखते हुए उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल भोजन, स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित बिजली व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, आवश्यक दवाइयां, साफ-सफाई और सुरक्षा की जरूरत है।
बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच सरकार की ओर से बाढ़ पीड़ितों के लिए चलाई जा रही राहत योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू किए जाने की जरूरत है, ताकि राहत शिविरों में रह रहे लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
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