राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर एम्स पटना इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन काउंसिल ने ब्लॉक चेन फॉर इम्पैक्ट के सहयोग से स्थापित एम्स पटना-बीएफआई इन्क्यूबेशन सेंटर के साथ मिलकर स्वास्थ्य नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस मौके पर चिकित्सकों, मार्गदर्शकों और वरिष्ठ संकाय सदस्यों को सम्मानित किया गया और स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार एवं उद्यमिता को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
कार्यक्रम में एपीआईआईसी के द्वितीय इन्क्यूबेशन एवं इग्निशन ग्रांट कॉल का शुभारंभ किया गया। इसके तहत मेडटेक, डिजिटल हेल्थ, बायोटेक, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग और अन्य स्वास्थ्य क्षेत्रों में काम कर रहे चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, छात्रों और स्टार्टअप्स से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
चयनित प्रतिभागियों को आर्थिक सहायता, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, एम्स पटना की क्लीनिकल और रिसर्च सुविधाओं का उपयोग, बौद्धिक संपदा सहयोग और उद्योग से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
मुख्य अतिथि प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि एम्स पटना उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से देश की स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एम्स पटना-बीएफआई इन्क्यूबेशन सेंटर पूर्वी भारत में स्वास्थ्य नवाचार का बड़ा केंद्र बन रहा है।
कार्यक्रम के अंत में चिकित्सा सेवा, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चिकित्सकों और संकाय सदस्यों को सम्मानित किया गया
