सीताकुण्ड डीह के वार्ड 1 और 2 का किया निरीक्षण, संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने के निर्देश
मुंगेर। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ को देखते हुए मुंगेर जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने सीताकुण्ड डीह के वार्ड संख्या 1 और 2 में बाढ़ एवं कटाव की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित क्षेत्र की स्थिति और ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान एडीएम आपदा संजय कुमार सिन्हा, प्रभारी आपदा पदाधिकारी कमल किशोर, सदर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार अभिषेक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
ग्रामीणों से सीधे संवाद कर जानी समस्याएं
डीएम ने बाढ़ के कारण उत्पन्न स्थिति, कटाव की गंभीरता और ग्रामीणों को हो रही परेशानियों का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र के लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
कटाव से उत्पन्न संभावित खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कटाव निरोधक कार्यों में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने फ्लड डिवीजन, भागलपुर को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने और कटाव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने को कहा, ताकि प्रभावित आबादी और आसपास के क्षेत्रों को नुकसान से बचाया जा सके।
संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि संवेदनशील स्थलों पर लगातार नजर रखी जाए। कटाव की स्थिति बिगड़ने पर तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं।
उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं
डीएम ने ग्रामीणों से अपील की कि बाढ़ और कटाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। खतरा बढ़ने पर बिना किसी देरी के सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर चले जाएं।
उन्होंने कहा कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीण किसी भी तरह के खतरे की जानकारी तत्काल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को दें।
डीएम ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की।
राहत और बचाव के संसाधन तैयार रखने के निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी पूरी रखने को कहा। साथ ही राहत एवं बचाव कार्य के लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति पर जिला प्रशासन की लगातार नजर है और आवश्यकता के अनुसार तत्काल कदम उठाए जाएंगे।
डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ और कटाव की स्थिति में प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, राहत और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण और निगरानी करने तथा स्थिति की अद्यतन जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को भी कहा।
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