पटना। जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ हैवानियत की घटना के विरोध में पटना में विपक्षी दलों ने अलग-अलग प्रदर्शन कर बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को घेरा। बुधवार को कारगिल चौक पर जन सुराज संघर्ष वाहिनी, युवा कांग्रेस और पटना महानगर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, छात्रा को न्याय और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
जमुई में 19 सितंबर को कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग छात्रा को कुछ युवकों ने कथित तौर पर रोककर मारपीट और बदसलूकी की थी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
जन सुराज संघर्ष वाहिनी ने किया प्रदर्शन
जन सुराज पार्टी की संघर्ष वाहिनी ने बुधवार को पटना के कारगिल चौक पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जमुई की घटना पर आक्रोश जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और बिहार में महिलाओं एवं बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
जन सुराज के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि जमुई की घटना ने बिहार को शर्मसार किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पुराने महिला सुरक्षा संबंधी बयान का हवाला देते हुए उनसे इस्तीफा देने की मांग की।

उन्होंने सरकार की ओर से मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के दावे के बीच सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं के बयानों पर भी सवाल उठाए। किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती और घटना में शामिल लोगों को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए।
जन सुराज नेता ललन यादव ने भी कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास गृह विभाग की जिम्मेदारी भी है और ऐसी घटनाओं को रोकने की जिम्मेदारी सरकार की है।
वहीं, जन सुराज की नेत्री पद्मा ओझा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस बयान पर सवाल उठाया जिसमें उन्होंने घटना के वीडियो और ‘रील’ संस्कृति का जिक्र किया था। मुख्यमंत्री ने 22 सितंबर को कहा था कि आजकल लोग रील बनाने के चक्कर में आपराधिक घटनाओं को रिकॉर्ड करते हैं और सवाल किया था कि अगर रील नहीं बनाई जाती तो आरोपी पकड़े कैसे जाते।
नाबालिग छात्रा से हैवानियत-युवा कांग्रेस ने फूंका मुख्यमंत्री का पुतला
इसी मुद्दे को लेकर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पटना के कारगिल चौक पर प्रदर्शन किया। बिट्टू यादव के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया गया।
बिट्टू यादव ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए उनके पुराने बयान का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि जमुई की घटना के बाद बिहार की जनता यह सवाल पूछ रही है कि मुख्यमंत्री अपने उस बयान के मुताबिक नैतिक जिम्मेदारी कब लेंगे।
युवा कांग्रेस नेता ने कहा कि केवल आरोपियों की गिरफ्तारी को उपलब्धि बताकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। उनके मुताबिक सवाल यह भी है कि ऐसी घटनाओं पर राजनीतिक जिम्मेदारी कौन लेगा।

प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। कार्यक्रम में रीचा कुमारी, मुकुल यादव, खुशबू कुमारी, प्रियंका, विशाल यादव, भाग्यश्री, मुस्कान श्रीवास्तव, पूनम यादव, मुरारी कुमार, चित्रंजन, राजन कुमार, इंतखाब आलम, निशांत आलम और सुभाष कुमार समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पटना महानगर कांग्रेस ने भी किया पुतला दहन
पटना महानगर कांग्रेस कमिटी की ओर से भी कारगिल चौक, गांधी मैदान में मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमुई की नाबालिग छात्रा को न्याय दिलाने और घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। पटना जिला कांग्रेस कमिटी ने घटना की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की मांग की।
प्रदर्शन में प्रकाश गुप्ता पुजारी, शमीम अख्तर, राजेश यादव, मनोज मंडल, प्रखंड अध्यक्ष रिजवान खलीफा, समीम उद्दीन, सुभाष यादव, अभय जायसवाल, अताउर रहमान और चंदन चंद्रवंशी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जमुई मामले पर राजनीतिक घमासान तेज

जमुई की घटना सामने आने के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से राजनीतिक जवाबदेही तय करने और इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और पुलिस को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। घटना से जुड़े आरोपों और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
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