19 सितंबर की घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दर्ज की FIR, सात आरोपियों की पहचान; राहुल गांधी ने POCSO के तहत कार्रवाई की मांग की, श्रेयसी सिंह, तेजस्वी यादव और राजेश राम ने भी प्रतिक्रिया दी
पटना/जमुई। जमुई यौन उत्पीड़न मामले में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद जमुई पुलिस ने FIR दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला 19 सितंबर की शाम का बताया जा रहा है, जब 10वीं कक्षा के एक नाबालिग छात्र और छात्रा को रास्ते में कथित तौर पर रोककर उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़ितों तक पहुंचकर उनके बयान दर्ज किए और आरोपियों की पहचान की। पुलिस के मुताबिक करीब सात लोगों की पहचान हुई है और मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है
बिहार के जमुई में 10वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा यौन उत्पीड़न का वीडियो सामने आने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। 19 सितंबर की शाम कोचिंग से लौट रहे नाबालिग छात्र-छात्रा को कुछ युवकों के एक समूह ने रास्ते में रोक लिया। वायरल वीडियो में छात्रा के साथ अनुचित शारीरिक व्यवहार और उसे खींचकर ले जाने की कोशिश दिखाई देती है, जबकि छात्र के साथ भी मारपीट की गई।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जमुई यौन उत्पीड़न मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए बिहार सरकार से सवाल किया है। इसके बाद बिहार सरकार की मंत्री और जमुई विधायक श्रेयसी सिंह, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने भी घटना पर प्रतिक्रिया दी है।
राहुल गांधी ने POCSO के तहत कार्रवाई की मांग की
जमुई यौन उत्पीड़न की घटना पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा करते हुए इसे बेहद परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि 10वीं कक्षा के छात्र और छात्रा को सड़क पर रोका गया और उनके साथ मारपीट, अपमान और यौन उत्पीड़न किया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि वीडियो में छात्रा हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाती दिखाई दे रही है, जबकि उसके साथ अनुचित शारीरिक व्यवहार किया गया और उसे खींचने की कोशिश की गई।
उन्होंने वीडियो में दिखाई देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की और POCSO Act के तहत मुकदमा चलाने की बात कही। राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि यदि घटना 19 सितंबर की है तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों हुई।
उन्होंने बिहार सरकार से सवाल किया कि “शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?” राहुल गांधी ने अपने बयान में घटना को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जोड़ते हुए बिहार सरकार से जवाबदेही की मांग की है।
एसपी बोले- वीडियो से पीड़िता की पहचान कर दर्ज किया बयान
जमुई यौन उत्पीड़न पर एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि 21 सितंबर की सुबह वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया। वीडियो के आधार पर पुलिस ने पीड़िता की पहचान कर उसका बयान दर्ज किया। जांच में घटना 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे की सामने आई है।
एसपी के मुताबिक वीडियो में छह-सात लोग दिखाई दे रहे हैं, जिनमें से कुछ की पहचान कर ली गई है। मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है। सुनिए मीडिया से बातचीत करते हुए जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने क्या कुछ कहा..
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो मामले में जमुई पुलिस की त्वरित कार्रवाई: S.I.T. गठित, तीन आरोपी गिफ्तार।#jamuiPolice#BiharPolice pic.twitter.com/Z9vTbR5PLR— JAMUI POLICE (@JamuiPolice) September 21, 2026
श्रेयसी सिंह बोलीं- घटना ने समाज को शर्मसार किया
बिहार सरकार की मंत्री और जमुई विधायक श्रेयसी सिंह ने जमुई यौन उत्पीड़न की घटना को समाज को शर्मसार करने वाली घटना बताया। उनके अनुसार घटना 19 सितंबर की शाम हुई थी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
श्रेयसी सिंह ने बताया कि मामले में तीन गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं और आगे भी कार्रवाई जारी है। पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो के आधार पर पीड़ितों की पहचान की गई और उनके बयान दर्ज किए गए। इसके बाद FIR दर्ज कर आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। सुनिए इस मामले पर मंत्री और जमुई विधायक श्रेयसी सिंह ने मीडिया से क्या कुछ कहा
क्या है जमुई की पूरी घटना?

पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले नाबालिग छात्र और छात्रा कोचिंग के बाद स्कूटी से लौट रहे थे। इसी दौरान लोगों के एक समूह ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।
वायरल वीडियो में दोनों नाबालिगों को घिरा हुआ देखा जा सकता है। छात्र समूह के लोगों से उन्हें जाने देने की अपील करता दिखाई देता है। एक वीडियो में छात्रा को भी हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाते देखा जा सकता है।
दूसरे वीडियो में एक व्यक्ति छात्रा को पकड़कर खींचता हुआ दिखाई देता है। पुलिस ने जमुई यौन उत्पीड़न वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में POCSO Act के तहत केस दर्ज किया है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सात लोगों के खिलाफ FIR, तीन गिरफ्तार
जमुई पुलिस ने वायरल वीडियो और पीड़ितों के बयान के आधार पर कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार वीडियो में करीब छह-सात लोग दिखाई दे रहे थे। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान की गई।
पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बाकी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद मिली। इसके बाद पीड़ितों से संपर्क किया गया और उनके बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
तेजस्वी यादव ने सरकार पर साधा निशाना
जमुई यौन उत्पीड़न की घटना पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोला। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में अराजक स्थिति पैदा हो चुकी है और छात्राओं तथा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधी दिनदहाड़े स्कूल, कॉलेज और घरों तक में अपराध कर रहे हैं।
उन्होंने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के चुनावी वादों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार पर भी निशाना साधा।
तेजस्वी यादव ने बिहार में महिलाओं, छात्रों, गरीबों और दलितों के खिलाफ अत्याचार बढ़ने का आरोप लगाते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की।
राजेश राम बोले- बेटियां सुरक्षित नहीं
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम ने भी जमुई यौन उत्पीड़न की घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ सड़क पर हुई घटना कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि यदि अपराधियों में पुलिस और कानून का भय है तो उन्हें ऐसी घटना को अंजाम देने का साहस कैसे मिला।
राजेश राम ने सरकार से सिर्फ बयानबाजी के बजाय आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित नाबालिग छात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
अब पुलिस जांच और POCSO कार्रवाई पर नजर
जमुई यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामले में POCSO Act के तहत कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। अब जांच में यह तय किया जाना है कि वीडियो में दिखाई देने वाले अन्य लोगों की भूमिका क्या थी और उनके खिलाफ आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।
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