पटना। मुंशी प्रेमचंद जयंती 2026।कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार तथा बिहार संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “मुंशी प्रेमचंद जयंती समारोह–2026” के अवसर पर शुक्रवार को प्रेमचंद रंगशाला, राजेंद्र नगर, पटना में मुंशी प्रेमचंद की कालजयी कहानी ‘कफ़न’ पर आधारित नाटक का प्रभावशाली मंचन किया गया।
नाटक का नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन गुंजन कुमार ने किया, जबकि प्रस्तुति रंग गुरुकुल, पटना द्वारा दी गई। कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक रुबी (भा.प्र.से.) तथा बिहार संगीत नाटक अकादमी के सचिव महमूद आलम मौजूद रहे।

समाज की सच्चाई को मंच पर उतारता ‘कफ़न’
प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘कफ़न’ भारतीय समाज में गरीबी, सामाजिक विषमता और मानवीय संवेदनाओं के क्षरण को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करती है।
नाटक में घीसू, माधव और बुधिया की कहानी के माध्यम से यह प्रश्न उठाया गया कि क्या अत्यधिक गरीबी और सामाजिक उपेक्षा मनुष्य की संवेदनाओं को भी बदल देती है। प्रस्तुति ने दर्शकों को समाज की वास्तविकताओं पर गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित किया।
निर्देशक बोले— आज भी उतनी ही प्रासंगिक है ‘कफ़न’
निर्देशक गुंजन कुमार ने कहा कि नाटक के माध्यम से प्रेमचंद के मूल विचारों को आधुनिक रंगभाषा, प्रभावी अभिनय, संगीत और प्रकाश संयोजन के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कहानी आज भी सामाजिक असमानता और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर प्रश्न उठाती है।

मंत्री ने युवाओं से प्रेमचंद को पढ़ने की अपील की
कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद केवल साहित्यकार नहीं, बल्कि भारतीय समाज के गहरे चिंतक थे। उनकी रचनाएं आज भी सामाजिक चेतना, मानवीय मूल्यों और सकारात्मक दृष्टिकोण की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने युवाओं से प्रेमचंद के साहित्य को पढ़ने और समझने का आह्वान किया।
नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का प्रयास
निदेशक रुबी ने कहा कि कला एवं संस्कृति विभाग का उद्देश्य ऐसी साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय साहित्य, रंगमंच और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
कार्यक्रम के अंत में बिहार संगीत नाटक अकादमी के सचिव महमूद आलम ने सभी कलाकारों और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रेमचंद का साहित्य भारतीय समाज की अमूल्य धरोहर है।
मुख्य कलाकार
- मणिकांत चौधरी — घीसू
- अविनाश कुमार — माधव
- खुशबू — बुधिया
- सौरभ सिंह — ठाकुर
- अनामिका — ठकुराइन
- राजीव दत्ता — मंगल
- भारती नारायण — सुखिया
- सृष्टि — रूपा
- परितोष कुमार — दुकानदार

मंच-परे सहयोग
- निर्देशन: गुंजन कुमार
- संगीत: राजवीर गुंजन
- प्रकाश: विनय चौहान
- प्रोडक्शन हेड: अनुपमा
- कॉस्ट्यूम: अंजलि तिवारी एवं पूजा
- सेट: सुनील एवं काली राजा
- मीडिया समन्वय: रूपेश रंजन सिन्हा
- संचालन: शैलेश जयम्यार
Highlights
- पटना में मुंशी प्रेमचंद जयंती समारोह आयोजित।
- ‘कफ़न’ नाटक का प्रभावशाली मंचन।
- रंग गुरुकुल, पटना की प्रस्तुति।
- निर्देशक गुंजन कुमार ने किया निर्देशन।
- मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने युवाओं से प्रेमचंद को पढ़ने की अपील की।
- दर्शकों ने नाटक की प्रस्तुति की सराहना की।
कार्यक्रम एक नजर में (टेबल)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आयोजन | मुंशी प्रेमचंद जयंती समारोह–2026 |
| स्थान | प्रेमचंद रंगशाला, पटना |
| नाटक | कफ़न |
| मूल लेखक | मुंशी प्रेमचंद |
| निर्देशक | गुंजन कुमार |
| प्रस्तुति | रंग गुरुकुल, पटना |
| मुख्य अतिथि | डॉ. प्रमोद कुमार |
| आयोजक | कला एवं संस्कृति विभाग एवं बिहार संगीत नाटक अकादमी |
“कफ़न क्यों है आज भी प्रासंगिक?”
- सामाजिक असमानता पर तीखा सवाल
- गरीबी और भूख की त्रासदी
- मानवीय संवेदनाओं का क्षरण
- आज के समाज में भी प्रासंगिक संदेश
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