कोर्ट ने कहा- कथित हत्या की गंभीरता और तरीके को देखते हुए जमानत देने का आधार नहीं; CCTV फुटेज में आरोपी को कार चलाते हुए दिखने की बात
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने कंझावला हिट एंड रन मामले के आरोपी अमित खन्ना की जमानत याचिका खारिज कर दिया है। जस्टिस गिरीश कथपलिया की बेंच ने कहा कि जिस गंभीरता और तरीके से कथित हत्या को अंजाम दिया गया , उसे देखते हुए जमानत नहीं दी जा सकती है।
इस मामले में 20 साल की एक लड़की की मौत हो गई थी, जिसे कार के नीचे करीब 13 किलोमीटर तक घसीटा गया। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने पांच सीसीटीवी फुटेज दाखिल किया था जिसमें घटना वाली कार अमित खन्ना ही चला रहा था। उन्होंने कहा कि खन्ना ने आइडेंटिफिकेशन परेड की कार्यवाही में शामिल होने से इनकार कर दिया।
बचाव पक्ष ने कहा- आरोपी के खिलाफ कोई सीधा सबूत नहीं
सुनवाई के दौरान अमित खन्ना की ओर से पेश वकील ने कहा कि आरोपी 1 जनवरी 2023 से हिरासत में है और उसे कथित हत्या से जोड़ने वाला कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2023 से 6 जनवरी 2023 के बीच खन्ना के खिलाफ उस गाड़ी को चलाने के आरोप में कोई मामला दर्ज नहीं था।
बचाव पक्ष ने कथित चश्मदीद गवाह निधि के बयान पर भी सवाल उठाया। निधि उस समय मृतका द्वारा चलाई जा रही स्कूटर पर पीछे बैठी थी।
कोर्ट ने निधि की गवाही पर भी विचार किया। आदेश के मुताबिक, निधि ने मृतका और कार में मौजूद आरोपियों के नशे में होने की बात कही थी।
कोर्ट ने CCTV फुटेज और घटना के तरीके का किया जिक्र
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि CCTV फुटेज के अनुसार कार अमित खन्ना को चलाने के लिए दी गई थी। कोर्ट के मुताबिक, मृतका को टक्कर लगने और उसके कार के नीचे फंसने के बाद भी आरोपी के कार चलाते रहने की बात सामने आती है। कोर्ट ने कहा कि कार रुकने और आरोपी के नीचे उतरने के बाद भी कार को आगे चलाया गया और मृतका को करीब 13 किलोमीटर तक घसीटा गया।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए जस्टिस गिरीश कथपालिया ने कहा कि कथित हत्या की गंभीरता और तरीके को देखते हुए जमानत देने का आधार नहीं बनता। इसके बाद कोर्ट ने अमित खन्ना की जमानत याचिका खारिज कर दी।
चार आरोपियों के खिलाफ तय हुए थे गंभीर आरोप
बता दें कि रोहिणी कोर्ट ने 27 जुलाई 2023 को चार आरोपियों अमित खन्ना, मनोज मित्तल, मिथुन और कृष्णा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 120B, 201, 212 समेत दूसरी धाराओं के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था। रोहिणी कोर्ट ने तीन आरोपियों दीपक खन्ना,अंकुश और आशुतोष के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 201, 212, 182, 34 और 120बी के आरोप तय करने का आदेश दिया था।
दिल्ली पुलिस ने दाखिल की थी 800 पन्नों की चार्जशीट
दिल्ली पुलिस ने 1 अप्रैल 2023 को इस मामले में चार्जशीट दाखिल किया था। दिल्ली पुलिस ने 800 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें 120 लोगों को गवाह बनाया है। अंकुश खन्ना आरोपित अमित खन्ना का भाई है। आशुतोष भारद्वाज उस कार का मालिक है, जिस कार से घसीटते हुए अंजलि की मौत हुई थी। आशुतोष पर आरोप है कि उसने अन्य आरोपितों को बचाने की कोशिश की। इस मामले का सातवां आरोपित अंकुश खन्ना एक और आरोपित अमित खन्ना का भाई है।
2 जनवरी 2023 को पांच आरोपियों की हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में 2 जनवरी 2023 को आरोपितों मनोज मित्तल, दीपक खन्ना, अमित खन्ना, कृष्णा और मिथुन को गिरफ्तार किया था। इन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कार से स्कूटी सवार युवती को टक्कर मारी। इसके बाद वे उसे 13 किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गए। इस दौरान युवती कार में ही फंसी रही। युवती की सारी हड्डियां चकनाचूर हो गई और उसके तन पर एक भी कपड़ा नहीं बचा। युवती के दोनों पैर, सिर व शरीर के अन्य हिस्से बुरी तरह कुचल गए थे।
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