उत्तर-पूर्व के जातीय समूहों को ट्रेनिंग देने और अवैध हथियारों की आपूर्ति के आरोप; कोर्ट ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानती पर दी जमानत
नई दिल्ली। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मैथ्यू आरोन वैन डाइके को जमानत दे दी है। यह अमेरिकी नागरिक है। इस पर भारत आकर उत्तर-पूर्व के जातीय समूहों को ट्रेनिंग देने के आरोपी है। स्पेशल जज प्रशांत शर्मा ने अमेरिकी नागरिक आरोन वैन डाइके को जमानत देने का आदेश दिया।
कोर्ट ने डाइके को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही रकम के जमानती के आधार पर जमानत देने का आदेश दिया।
NIA ने 8 सितंबर को दाखिल की थी चार्जशीट
कोर्ट ने 17 सितंबर को एनआईए को नोटिस जारी किया था। एनआईए ने 8 सितंबर को चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में सात विदेशी आरोपियों के खिलाफ फॉरेनर्स एक्ट की धारा 21 और 23 के तहत आरोप लगाया गया है।
एनआईए ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइके के अलावा यूक्रेन के छह नागरिकों पेट्रो हुर्बा, टरस स्लिवियाक, इवान सुकमानोवस्की, मैरियन स्टेफानकीव, मास्कीम होंचारुक और विक्टर कामिंसिकी को आरोपी बनाया है।
एनआईए ने इस मामले में यूएपीए के तहत एफआईआर दर्ज किया था, लेकिन चार्जशीट में यूएपीए की धाराएं नहीं लगाई गई हैं। एनआईए के मुताबिक, वह इस मामले में पूरक चार्जशीट दाखिल करेगी।
हाईकोर्ट ने 180 दिन की जांच अवधि को चुनौती वाली याचिका खारिज की थी
इसके पहले 31 अगस्त को हाईकोर्ट ने जांच की अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी।
इन विदेशी नागरिकों पर आरोप है कि वे म्यांमार में अवैध तरीके से घुसे और मिजोरम के संरक्षित इलाकों में प्रवेश कर जातीय समूहों से संपर्क कायम किया। आरोपियों पर अवैध हथियारों की आपूर्ति करने, जातीय समूहों को ट्रेनिंग देने और उन्हें ड्रोन चलाने में सहयोग करने का आरोप है।
छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक आरोपी
इन सात विदेशियों में छह यूक्रेनी नागरिक और एक अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइके शामिल हैं। एनआईए के मुताबिक, ये विदेशी वीजा पर भारत आए और फिर मिजोरम में प्रवेश किया, जो एक संरक्षित क्षेत्र है। इसके बाद वे म्यांमार में दाखिल हुए और जातीय युद्ध समूहों से संपर्क साधा।
एनआईए के मुताबिक, इन विदेशी नागरिकों को म्यांमार में प्रशिक्षण दिया गया था, जिसके बाद वे जातीय युद्ध समूहों को प्रशिक्षित कर रहे थे। ये समूह भारत में सक्रिय विद्रोही समूहों से जुड़े हुए हैं।
यह आरोप भी लगाया गया है कि वे यूरोप से ड्रोन की एक बड़ी खेप लेकर आए थे।
नोट: इस खबर में विदेशी नागरिकों पर लगाए गए आरोप एनआईए के आरोपों/चार्जशीट में बताए गए दावों पर आधारित हैं। आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत द्वारा किया जाना है।
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