स्मार्ट सिटी, डिजिटल गवर्नेंस, क्लाइमेट चेंज और शहरी नीति के विशेषज्ञ तैयार करेगा नया संस्थान, छात्रों के लिए खुलेंगे रोजगार के नए अवसर
पटना। AKU। बिहार के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक नई और ऐतिहासिक शुरुआत होने जा रही है। आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी (AKU), पटना राज्य का पहला ‘स्कूल ऑफ अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेंस’ स्थापित करने जा रही है। इसके साथ ही पहली बार Urban Policy and Governance विषय में एम.ए./एम.एससी. स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम भी शुरू किया जाएगा। विश्वविद्यालय का मानना है कि यह पहल बिहार में शहरी विकास, नीति निर्माण और प्रशासनिक क्षमता निर्माण के क्षेत्र में नई दिशा तय करेगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) शरद कुमार यादव ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम भारत सरकार की राष्ट्रीय पहल के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहरी शासन (Urban Governance), सतत विकास (Sustainable Development), संस्थागत क्षमता निर्माण (Institutional Capacity Building) और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (Evidence-based Policy Making) को मजबूत करना है।
AKU : तेजी से बदलते भारत के लिए नई पीढ़ी तैयार करेगा
प्रो. (डॉ.) शरद कुमार यादव ने कहा कि भारत तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, डिजिटल गवर्नेंस, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और आधुनिक शहरी चुनौतियां नई प्रकार की विशेषज्ञता की मांग कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि ऐसे सक्षम, उत्तरदायी और दूरदर्शी नेतृत्व का निर्माण करना चाहता है जो भविष्य के शहरी भारत की चुनौतियों का समाधान तैयार कर सके।
“हमारा लक्ष्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि ऐसे नीति विशेषज्ञ तैयार करना है जो भविष्य के शहरों की योजना, प्रशासन और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।”
–प्रो. (डॉ.) शरद कुमार यादव, कुलपति, AKU

AKU : शिक्षा, शोध और नीति निर्माण का बनेगा उत्कृष्ट केंद्र
प्रस्तावित School of Urban Policy and Governance केवल एक शैक्षणिक विभाग नहीं होगा बल्कि Education, Research, Training, Policy Analysis और Capacity Building का उत्कृष्ट केंद्र होगा।
यहां बहुविषयक (Interdisciplinary) मॉडल पर शिक्षा दी जाएगी, जिसमें विभिन्न विषयों का समन्वय होगा।
इनमें शामिल हैं-
- Public Policy
- Economics
- Law
- Engineering
- Architecture
- Environmental Science
- Geography
- Data Analytics
- Management
- Social Sciences
विश्वविद्यालय का मानना है कि आज की शहरी समस्याओं का समाधान केवल एक विषय से संभव नहीं है, इसलिए बहुविषयक शिक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
AKU : इन विषयों की होगी पढ़ाई
AKU द्वारा प्रस्तावित MA/MSc पाठ्यक्रम में आधुनिक शहरी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे—
- Urban Policy & Administration
- Smart City Governance
- Digital Governance
- Urban Finance
- Urban Planning
- Land Management
- Climate Change
- Disaster Management
- GIS (Geographical Information System)
- Urban Data Analytics
- Research Methodology
AKU : केवल पढ़ाई नहीं, मिलेगा वास्तविक प्रशासनिक अनुभव
विश्वविद्यालय इस पाठ्यक्रम को पूरी तरह रोजगारोन्मुख (Employment Oriented) बनाने की तैयारी कर रहा है।
छात्रों को मिलेगा-
- Field Visit
- Internship
- Case Study
- Project Work
- Policy Analysis
- Government Attachments
- Practical Training
इससे छात्र केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि वास्तविक प्रशासनिक चुनौतियों पर काम करने का अनुभव भी प्राप्त करेंगे।
AKU : राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से होगा सहयोग
प्रो. यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय इस स्कूल के माध्यम से अनेक संस्थानों के साथ शैक्षणिक एवं शोध सहयोग स्थापित करेगा।
इनमें शामिल होंगे—
- राज्य सरकार के विभाग
- केंद्र सरकार के मंत्रालय
- नगर निकाय
- Smart City Missions
- Development Authorities
- राष्ट्रीय विश्वविद्यालय
- अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय
- Research Institutions
- Development Agencies
इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर Exposure मिलेगा।
AKU : छात्रों के लिए खुलेंगे करियर के नए रास्ते
इस नए स्कूल के शुरू होने से विद्यार्थियों के सामने रोजगार और शोध के अनेक अवसर उपलब्ध होंगे।
वे भविष्य में कार्य कर सकेंगे—
- Smart City Mission
- Urban Local Bodies
- Municipal Corporations
- Development Authorities
- Government Departments
- Policy Think Tanks
- Research Organisations
- Consultancy Firms
- International Development Agencies
- Urban Planning Institutions
- NGOs
- International Organisations
AKU का NEP-2020 और SDGs के अनुरूप पहल
कुलपति ने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) तथा संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (SDGs) के अनुरूप है।
इसके माध्यम से विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और नीति निर्माण को एक मंच पर लाने की दिशा में कार्य करेगा।
बिहार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
बिहार में पहली बार Urban Policy and Governance जैसे विशेष विषय के लिए अलग स्कूल स्थापित किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत का शहरीकरण तेजी से बढ़ेगा। ऐसे में शहरी नीति, नगर नियोजन, डिजिटल प्रशासन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मांग भी तेजी से बढ़ेगी।
AKU की यह पहल बिहार के छात्रों को राज्य से बाहर गए बिना इस उभरते क्षेत्र में उच्च शिक्षा और शोध का अवसर उपलब्ध कराएगी।
क्या है Urban Policy and Governance?
Urban Policy and Governance ऐसा अध्ययन क्षेत्र है जिसमें शहरों के विकास, नगर प्रशासन, सार्वजनिक सेवाओं, परिवहन, आवास, जल निकासी, पर्यावरण, स्मार्ट सिटी, डिजिटल प्रशासन और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी नीतियों का अध्ययन किया जाता है।
इस क्षेत्र के विशेषज्ञ सरकारों, नगर निकायों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के लिए शहरी विकास की योजनाएं तैयार करते हैं।
Background
भारत दुनिया के सबसे तेजी से शहरीकरण करने वाले देशों में शामिल है। नीति आयोग और विभिन्न सरकारी रिपोर्टों के अनुसार आने वाले वर्षों में देश की बड़ी आबादी शहरों में निवास करेगी। ऐसे में Urban Governance, Smart Cities, Climate Resilience और Sustainable Development जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ मानव संसाधन की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए AKU ने बिहार में पहली बार School of Urban Policy and Governance स्थापित करने की घोषणा की है।
FreelancerPost Analysis
यह केवल एक नया शैक्षणिक विभाग नहीं, बल्कि बिहार में Urban Governance Education Ecosystem की शुरुआत है। यदि यह पहल सफल होती है, तो आने वाले वर्षों में बिहार शहरी नीति, स्मार्ट सिटी प्रबंधन और नगर प्रशासन के क्षेत्र में देश के प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।
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