EPFO Update। पीएफ खाताधारकों के लिए अच्छी खबर है. अब उन्हें पीएफ के पैसे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. अब महज दो दिनों में यानी 48 घंटे में ही पीएफ का पैसा खाता में आ जाएगा. ऐसा होने पर आम लोगों की इमरजेंसी में पैसों की जरूरत पूरी हो सकेगी. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPF0) अब पीएफ के पैसे की निकासी प्रक्रिया को आसान और तेज बना रहा है.
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन का कहना है कि उसने क्लेम सेटेलमेंट का करीब-करीब सारा बकाया काम निपटा लिया है. नई व्यवस्था के तहत नब्बे प्रतिशत तक सारे सारे क्लेम ऑटोसेटेल किए जा रहे हैं. EPFP उम्मीद जताई है कि अब खाताधारकों के क्लेम आवेदन के दिन या फिर अगले दिन निपटा दिए जाएंगे. अब EPFO विश्वस्तरीय सेवा देने की कोशिश कर रहा है. कामकाज को आसान बनाने के लिए कई अहम सुधार किए जा रहे हैं. इससे कर्मचारी और नियुक्ता दोनों में विश्वास कायम होगा.
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एक अगस्त से कामकाज को आसान बनाने के लिए एक अगस्त से अपने नियमों में बदलाव किया है.
- पीएफ निकासी को लेकर 13 श्रेणियों को घटाकर तीन श्रेणी की गई है.
- नौकरी बदलने पर पीएफ स्थानांतरण प्रक्रिया आसान होगी
- खास हालात में पीएफ निकासी की सुविधा
- पीएफ की रकम का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा खाते में रखना जरूरी
- छोटे क्लेम में ऑटो सेटेलमेंट की सीमा अब 5 लाख रुपए.
भीम एप के जरिए हो सकेगा भुगतान
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सेंट्रल प्रोविडेंट कमिश्नर रमेश कृष्णमूर्ति ने कहा है कि अब EPFO भीम एप के जरिए पीएफ क्लेम सेटेलमेंट की सुविधा प्रदान करेगा. यह सेवा अगले एक महीने में मिलनी शुरू हो जाएगी. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पिछले दिनों एटीएम और UPI के जरिए सीधे पीएफ की राशि निकालने की सुविधा देने के लिए EPFO 3.0 सिस्टम तैयार किया है. नए नियमों के मुताबिक खाता धारक अपने पीएफ खाते से कुल बैलेंस का 50% से 75% तक फौरन निकल सकते हैं.
सामाजिक सुरक्षा का बढ़ेगा दायरा
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) असंगठित क्षेत्र के दिहाड़ी मजदूरों और ई-कॉमर्स कंपनियों के डिलिवरी ब्वॉयज के लिए भी खास योजना पर काम कर रहा है. गिग और प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को नए सामाजिक सुरक्षा बिल के तहत एक खास योजना लाई जाएगी. इससे दिहाड़ी मजदूरों और डिलिवरी ब्वॉयज को भी सामाजिक सुरक्षा मिल सकेगी. इस तरह से EPFO सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने का काम कर रहा है.
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