कड़कड़डूमा कोर्ट ने दी 7 दिन की राहत; 30 सितंबर को नियमित जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई
नई दिल्ली। शरजील इमाम शादी में शामिल होने के लिए 4 से 10 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत पर बाहर रहेंगे। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा मामले में आरोपी शरजील इमाम को अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने की अनुमति दी है। कोर्ट ने उन्हें सात दिनों की अंतरिम जमानत दी है। शरजील इमाम की नियमित जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है, जिस पर 30 सितंबर 2026 को सुनवाई होनी है।
यह राहत उन्हें केवल पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए दी गई है। शरजील इमाम के खिलाफ दिल्ली हिंसा से जुड़े कथित बड़े षड्यंत्र के मामले में यूएपीए के तहत मुकदमा चल रहा है।
पहले भी मिली थी 10 दिन की अंतरिम जमानत
शरजील इमाम को इससे पहले 9 मार्च 2026 को भी अंतरिम जमानत दी गई थी। उस समय उन्हें अपने छोटे भाई की शादी में शामिल होने के लिए 10 दिनों की राहत मिली थी।
अब एक बार फिर पारिवारिक शादी में शामिल होने के लिए उन्हें अंतरिम राहत मिली है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस बार शादी से संबंधित कार्यक्रम दिल्ली और बिहार में होने हैं और अदालत के सामने इन कार्यक्रमों का विवरण रखा गया था।
30 सितंबर को नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई
शरजील इमाम की नियमित जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है। इस याचिका पर 30 सितंबर 2026 को सुनवाई होनी है।
इससे पहले 5 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। उसी फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने उस समय दोनों की जमानत याचिकाओं पर अलग-अलग आरोपों और कथित भूमिका को देखते हुए फैसला दिया था।
खालिद सैफी और तसलीम अहमद को भी मिल चुकी है अंतरिम जमानत
इसके बाद 22 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हिंसा मामले के आरोपी खालिद सैफी और तसलीम अहमद को छह महीने की अंतरिम जमानत दी थी। इसी सुनवाई के दौरान यूएपीए मामलों में लंबे समय तक विचाराधीन कैदियों को जमानत दिए जाने से जुड़े कानूनी सवाल को बड़ी पीठ के पास भेजा गया था।
इस मामले में सफूरा जरगर, आसिफ इकबाल तान्हा, देवांगना कलिता और नताशा नरवाल को भी पहले जमानत मिल चुकी है।
18 आरोपियों के खिलाफ दाखिल है चार्जशीट
दिल्ली हिंसा से जुड़े इस मामले में 18 आरोपियों के खिलाफ यूएपीए के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है। इनमें सफूरा जरगर, ताहिर हुसैन, उमर खालिद, खालिद सैफी, इशरत जहां, मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा, शिफा उर रहमान, आसिफ इकबाल तान्हा, शादाब अहमद, तसलीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान, अतहर खान, शरजील इमाम, फैजान खान, नताशा नरवाल और देवांगना कलिता के नाम शामिल हैं।
यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा से जुड़ा है। हिंसा में कम से कम 53 लोगों की मौत हुई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे।
कोर्ट से मिली राहत का मतलब क्या है?
शरजील इमाम को मिली यह राहत अंतरिम जमानत है और इसका उद्देश्य उन्हें निर्धारित अवधि में पारिवारिक शादी में शामिल होने की अनुमति देना है। यह नियमित जमानत या मामले में आरोपों पर अंतिम निर्णय नहीं है। 30 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट में उनकी नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है।
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